प्रतिमाह 2 हजार से अधिक ओपीडी, पीएचसी धनियाकोट में जल्द स्थापित होगा प्रसव केंद्र; कैंची धाम क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं और 108 एंबुलेंस पर विशेष जोर

गरमपानी, 14 अक्टूबर 2026। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गरमपानी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) धनियाकोट का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
सीएचसी गरमपानी में उन्होंने ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, लैब, इमरजेंसी सेवाओं, औषधि कक्ष, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण एवं उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं। चिकित्सालय में प्रतिमाह 2,000 से अधिक ओपीडी संचालित हो रही हैं तथा एक माह में 103 अल्ट्रासाउंड किए गए। उन्होंने चिकित्सालय स्टाफ के कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि उपलब्ध जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करें तथा चिकित्सालय में उपलब्ध न होने वाली जांचों को नियमानुसार आउटसोर्स सेवा के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि सीएचसी गरमपानी में जल्द आयुष्मान मित्र की नियुक्ति की जाएगी, जिससे मरीजों को आयुष्मान कार्ड संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी।
पीएचसी धनियाकोट में जल्द स्थापित होगा प्रसव केंद्र
पीएचसी धनियाकोट के निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सकीय स्टाफ उपस्थित पाया गया। सीएमओ ने यहां जल्द प्रसव केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर प्रसव सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कैंची धाम क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं पर विशेष जोर
कैंची धाम क्षेत्र में प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. पंत ने आवश्यक , औषधियों एवं पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जाम की स्थिति को देखते हुए गर्भवती महिलाओं के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को प्राथमिकता देने तथा आवश्यकता के अनुसार चार बेड आरक्षित रखने को कहा गया।
उन्होंने सीएचसी गरमपानी, भीमताल, भवाली एवं सुयालबाड़ी के प्रभारियों को सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के लिए निरंतर तैयार रहने तथा घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा एवं खुशियों की सवारी सेवा को सुचारु बनाए रखने तथा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि जरूरतमंदों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
