32 किलोमीटर दूर से आई भावना, बर्थ वेटिंग होम ने आसान किया सुरक्षित मातृत्व का सफर

खबर शेयर करें

नैनीताल, 06 अक्टूबर 2026। पहाड़ों में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के समय अस्पताल तक पहुंचना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। लंबी दूरी, पहाड़ी रास्ते और यातायात बाधाओं के बीच बर्थ वेटिंग होम ऐसी महिलाओं के लिए सुरक्षित सहारा बन रहे हैं।

विशालकोट, जिला अल्मोड़ा की रहने वाली भावना इसका एक उदाहरण हैं। गरमपानी से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव से प्रसव की संभावित तिथि नजदीक आने पर भावना को गरमपानी बर्थ वेटिंग होम में ठहराया गया। यहां रहने की सुविधा मिलने से उन्हें प्रसव के समय लंबी दूरी तय करने और रास्ते में होने वाली संभावित परेशानियों से राहत मिली। भावना ने गरमपानी स्वास्थ्य केंद्र में ही सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया।

यह भी पढ़ें 👉  Himachal Weather: शिमला- मनाली में बर्फबारी से बढी ठंड, मौसम का देखें ताजा हाल

इसी तरह सिल्टोना की हीरा देवी, जो गरमपानी से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर रहती हैं, तथा कोरल होल्स की कल्पना और हेमा देवी, जो लगभग 14 किलोमीटर दूर से आती हैं, ने भी बर्थ वेटिंग होम की सुविधा का लाभ लिया और गरमपानी अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया।

इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बर्थ वेटिंग होम केवल ठहरने की सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रसव की संभावित तिथि से पहले गर्भवती महिला को स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक सुरक्षित स्थान पर रखने से आकस्मिक स्थिति में समय पर उपचार और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  23वें दिन 1500 ग्रामीणों की हुंकार, राधा रतूड़ी के निर्देश भी बेअसर, अधिसूचना अब तक लंबित

कैंची धाम क्षेत्र में यातायात एवं संभावित जाम को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेषकर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार बर्थ वेटिंग होम में ठहराने की व्यवस्था की जाए।

यह भी पढ़ें 👉  Earthquake: जम्मू -कश्मीर और असम में भूकंप के झटके , घरों से बाहर आए लोग

आशा एवं एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को बर्थ वेटिंग होम की सुविधा के बारे में जानकारी देने तथा समय से वहां पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। बर्थ वेटिंग होम के माध्यम से हमारा प्रयास है कि दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को प्रसव के समय दूरी, यातायात या जाम जैसी किसी भी चुनौती का सामना न करना पड़े और उन्हें समय पर सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।