लालकुआं में जनप्रतिनिधियों ने कोतवाली पहुंचकर एसएसआई दीपक बिष्ट को सौंपी तहरीर, ऑडियो साक्ष्य देने का दावा
लालकुआं (नैनीताल)। लालकुआं क्षेत्र में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी को जान से मारने, अपहरण करने और रंगदारी मांगने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल पदाधिकारियों, छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कोतवाली पहुंचकर एसएसआई दीपक बिष्ट को तहरीर सौंपी। उन्होंने नामजद आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
तहरीर के अनुसार, आबादी वाले संकरे ग्रामीण क्षेत्र में ओवरलोड और तेज गति से जा रहे एक डंपर को ग्रामीणों ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए रुकवाया था। सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन सीज कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज पंकज कोरंगा ने फोन पर पीयूष जोशी के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने, अपहरण करने तथा उनके घर में वाहन घुसाकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। तहरीर में सीज वाहन पर लगे करीब 60 से 65 हजार रुपये के जुर्माने की रकम जबरन वसूलने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। पीयूष जोशी ने पुलिस को ऑडियो साक्ष्य और कॉल विवरण सौंपने की बात कही है।
पीयूष जोशी ने कहा कि उन्होंने जनहित और लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भंडारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय रोहित दुमका, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रिंस भारद्वाज, पूर्व छात्र महासंघ उपाध्यक्ष सचिन फुलारा, पूर्व युवक मंगल दल अध्यक्ष कैलाश भट्ट, छात्र नेता हिमांशु कुनियाल, उप ग्राम प्रधान कपिल राणा और विकास गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को धमकाने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापारिक, सामाजिक और छात्र संगठन संयुक्त रूप से कोतवाली और प्रशासनिक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। वहीं, एसएसआई दीपक बिष्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।
