Lalkuan News: सड़कों पर पटाखे छोड़ती बुलेट का आतंक, तेज धमाकों से दहशत में क्षेत्रवासी

खबर शेयर करें


आधा दर्जन से अधिक बुलेट मोटरसाइकिलों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर दौड़ने का आरोप, स्टंटबाजी से हादसों का खतरा; ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की

लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता क्षेत्र की सड़कों पर पटाखों जैसी तेज आवाज निकालने वाली बुलेट मोटरसाइकिलों का शोर ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक बुलेट मोटरसाइकिलें कथित तौर पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर फर्राटा भर रही हैं। इन मोटरसाइकिलों से अचानक पटाखे जैसी तेज आवाज निकलने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज धमाकों से छोटे बच्चे डर जाते हैं, वहीं बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ बाइक सवार सड़कों पर तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल दौड़ाते हुए जानबूझकर पटाखों जैसी आवाज निकालते हैं। कई बार सड़क पर स्टंटबाजी भी देखने को मिलती है। अचानक होने वाले तेज धमाकों से सड़क पर चल रहे राहगीर घबरा जाते हैं और कई बार वाहन चालक भी असहज हो जाते हैं। ऐसे में किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बच्चों और बुजुर्गों में फैल रही दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि इन मोटरसाइकिलों की तेज आवाज केवल शोर की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि इससे लोगों में भय का माहौल भी बन रहा है। अचानक पटाखे जैसी आवाज सुनकर छोटे बच्चे सहम जाते हैं। वहीं घरों में रहने वाले बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी तेज धमाकों के कारण परेशानी होती है। क्षेत्र की आवासीय सड़कों पर इस तरह की गतिविधियां आम लोगों की शांति और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन रही हैं।
स्टंटबाजी से राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक चलाने तथा स्टंट करने की घटनाएं दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। सड़कों पर बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक भी आवागमन करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से ऐसे बाइक सवारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच की जाए। नियम विरुद्ध पाए जाने वाले साइलेंसर हटवाने के साथ ही संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार चालान और अन्य सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि बिंदुखत्ता क्षेत्र की प्रमुख सड़कों और संवेदनशील आवासीय इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए, ताकि सड़क पर स्टंटबाजी और तेज आवाज से लोगों को परेशान करने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।