बागेश्वर: लंबे इंतजार के बाद काफलीगैर को मिली बड़ी सौगात, खुलेगा राजकीय महाविद्यालय

खबर शेयर करें

महाविद्यालय के संचालन के लिए 18 पदों के सृजन को शासन की मंजूरी, आंदोलन के बाद पूरी हुई क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग

बागेश्वर, गोविंद मेहता। काफलीगैर तहसील क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही राजकीय महाविद्यालय की मांग आखिरकार पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड शासन ने काफलीगैर में नवीन राजकीय महाविद्यालय की स्थापना और उसके संचालन के लिए 18 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन की इस मंजूरी के बाद क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है।
काफलीगैर तहसील क्षेत्र में डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण क्षेत्रवासी लंबे समय से महाविद्यालय की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी शासनादेश जारी नहीं होने पर क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी थी। शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने आंदोलन और क्रमिक अनशन भी किया था।
इस बीच बागेश्वर विधायक पार्वती दास और विधायक प्रतिनिधि भाष्कर दास की ओर से महाविद्यालय की स्थापना को लेकर शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री और वित्त विभाग के स्तर पर फाइल को स्वीकृति दिलाने तथा शासनादेश जारी कराने के लिए प्रयास जारी रहे। विधायक प्रतिनिधि भाष्कर दास ने करीब एक सप्ताह पहले भी जल्द शासनादेश जारी होने की बात कही थी।
अब उत्तराखंड शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग-4 की ओर से जारी आदेश में काफलीगैर में नवीन राजकीय महाविद्यालय की स्थापना एवं संचालन के लिए 13 नियमित और पांच आउटसोर्स समेत कुल 18 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
शासनादेश के अनुसार महाविद्यालय में प्राचार्य का एक पद तथा हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र और संस्कृत विषयों में सात सहायक प्राध्यापक के पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक के दो पद और पुस्तकालय लिपिक समेत कुल 13 नियमित पदों का सृजन किया गया है।
वहीं महाविद्यालय के संचालन के लिए बुक लिफ्टर, अनुसेवक तथा स्वच्छक/चौकीदार के पांच पद आउटसोर्स के माध्यम से स्वीकृत किए गए हैं।
शासन से मिली इस स्वीकृति पर बागेश्वर विधायक पार्वती दास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का आभार व्यक्त किया।
विधायक पार्वती दास ने कहा कि काफलीगैर क्षेत्र में नवीन राजकीय महाविद्यालय की स्थापना और उसके संचालन के लिए 18 पदों के सृजन की स्वीकृति क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे काफलीगैर और आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि काफलीगैर में महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने क्षेत्र की जनता और छात्र-छात्राओं को इस स्वीकृति के लिए शुभकामनाएं दीं।
शासनादेश की सूचना मिलते ही काफलीगैर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लंबे समय से महाविद्यालय की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों ने शासन की स्वीकृति का स्वागत किया है।