हल्दूचौड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम हेतु सोलर फेंसिंग का कार्य प्रारंभ

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पीयूष जोशी के प्रयासों व ग्राम प्रधान राधा कैलाश भट्ट के समन्वय से मिली बड़ी राहत

हल्दूचौड़ (नैनीताल)। तराई पूर्वी वन प्रभाग अंतर्गत गौला वन रेंज से सटी अत्यंत संवेदनशील ग्राम सभा हल्दूचौड़-दौलिया में हाथियों व अन्य वन्यजीवों द्वारा फसलों की बर्बादी और आबादी पर मंडराते खतरे के स्थायी समाधान की दिशा में आज बहुप्रतीक्षित सोलर फेंसिंग निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ हो गया। क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी द्वारा शासन, प्रशासन और वन विभाग स्तर पर लगातार किए गए विधिक पत्राचार, सीएम हेल्पलाइन संदर्भों एवं जनहित पहलों के फलस्वरूप वन विभाग की टीम ने धरातल पर पहुंचकर कार्य शुरू किया। इस कार्य को समयबद्ध गति दिलवाने और धरातलीय समन्वय में स्थानीय ग्राम प्रधान श्रीमती राधा कैलाश भट्ट का भी विशेष सहयोग रहा। आज वन विभाग की ओर से वन दरोगा दीप चन्द्र आर्या अपनी पूरी विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चिन्हित वन-आबादी सीमा की नपाई, झाड़ियों की कटाई व सफाई करवाते हुए फेंसिंग पोल और तारबाड़ लगाने का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कराया।
विदित हो कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 666/2025 के अंतर्गत प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) स्तर से ₹1.52 करोड़ की लागत से 34.6 किमी सोलर फेंसिंग, 4.8 किमी पारंपरिक कंक्रीट फेंसिंग (मय C.C.) एवं 173 सोलर लाइट्स की वृहद परियोजना स्वीकृत की गई है। इस परियोजना में हल्दूचौड़-दौलिया क्षेत्र के अंतर्गत टीला बीट एवं देवरामपुर बीट में कुल 12 किमी सोलर फेंसिंग एवं 67 सोलर लाइट्स का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही गौला व किशनपुर रेंज की अन्य ग्राम सभाओं—रावतनगर, खुरियाखत्ता (देवी मंदिर), गौजाजाली-गोरापड़ाव, हाथीखाल, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव, कुंवरपुर, जगतपुर, रेशमबाग, रामबाग, बसंतपुर, खोलियाबंगर, त्रिलोकपुर दानी, दानीबंगर, सुन्दरपुर रैक्वाल, सीतापुर व मदनपुर तक के संवेदनशील वन सीमांतों को भी सुरक्षा घेरे में लिया गया है।
कार्य प्रारंभ होने के अवसर पर संघर्ष समिति के संयोजक पीयूष जोशी ने बताया कि पूर्व स्वीकृत कार्ययोजना के धरातल पर उतरने के साथ-साथ क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा के लिए वन विभाग एवं शासन को एक विस्तृत नवीन पूरक कार्ययोजना (Supplementary Plan) का मांग पत्र भी प्रेषित किया गया है। इस नए प्रस्ताव में प्रमुख मांगें रखी गई हैं कि इंडियन ऑयल डिपो चौराहा से लेकर हिरन बाबा मंदिर, देवरामपुर व ट्रॉली लाइन तक हर 10 से 15 फीट की दूरी पर स्वचालित सोलर स्ट्रीट व मोशन-सेंसर फ्लड लाइट्स स्थापित की जाएं ताकि कोई डार्क स्पॉट न रहे। इसके अतिरिक्त पूरी ग्राम सभा की परिधि में 2.5 से 3 फीट गहरी सीमेंट-कंक्रीट नींव में लोहे के भारी एंगल व चेन-लिंक जाली वाली ‘पारंपरिक कंक्रीट फेंसिंग (मय C.C.)’ लगाने, फेंसिंग के आगे 3 मीटर चौड़ी व 2.5 मीटर गहरी पक्की हाथी-रोधी खाई (EPT) खोदने, विगत दिनों हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसलों का 48 घंटे में राजस्व व वन विभाग से संयुक्त सर्वे कराकर किसानों को डीबीटी से त्वरित मुआवजा देने तथा संवेदनशील चौराहों पर 24×7 क्यूआरटी टीम व अर्ली-वार्निंग हूटर सेंसर लगाने की मांग शामिल है।
धरातल पर कार्य शुरू होने से क्षेत्र के किसानों व ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई हेतु वन क्षेत्राधिकारी (RO) गौला चन्दन सिंह अधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) अनिल कुमार जोशी, वन दरोगा दीप चन्द्र आर्या सहित पूरी वन टीम का आभार व्यक्त किया। संयोजक पीयूष जोशी एवं ग्राम प्रधान राधा कैलाश भट्ट ने कहा कि यह शुरुआत किसानों के अधिकारों व जनसुरक्षा की बड़ी जीत है।