दतिया धाम में सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी की 36 दिवसीय निराहार साधना जारी

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लोककल्याण के संकल्प के साथ 11 अक्टूबर से साधना प्रारंभ, 17 नवंबर को मां बगलामुखी महायज्ञ और 18 नवंबर को विशाल भंडारा

दतिया, मध्य प्रदेश। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर जय मां पीतांबरी साधना एवं दिव्य योग ट्रस्ट के संस्थापक सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी दतिया धाम में 36 दिवसीय निराहार बगलामुखी साधना में लीन हैं। लोककल्याण और जनकल्याण के उद्देश्य से शुरू की गई यह साधना मां पीतांबरा शक्तिपीठ के समीप स्थित ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर में की जा रही है। ट्रस्ट के प्रवक्ता के अनुसार, साधना 11 अक्टूबर से 17 नवंबर तक चलेगी। साधना की पूर्णता पर 17 नवंबर को मां बगलामुखी महायज्ञ और 18 नवंबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी की यह साधना जनकल्याण की भावना से की जा रही है। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। गुरुजी के दर्शन के लिए देश-विदेश से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। आयोजकों के अनुसार, आगामी महायज्ञ और विशाल भंडारे में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।

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राम जानकी मंदिर के महंत अजय तिवारी उर्फ रिंकू महाराज ने मंदिर के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर दतिया के राजगढ़ चौराहे के निकट स्थित है। इस चौराहे को अब पीतांबरा चौराहे के नाम से भी जाना जाता है। पुरानी रेंज के पास दीवान का बगीचा क्षेत्र में स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर मां पीतांबरा शक्तिपीठ के बिल्कुल समीप है।
महंत अजय तिवारी के अनुसार, राम जानकी मंदिर की स्थापना वर्ष 1864 में तत्कालीन दतिया रियासत के दीवान साहब ने कराई थी। बाद में मंदिर तिवारी परिवार को दान कर दिया गया। तब से लेकर आज तक तिवारी परिवार मंदिर की देखरेख और सेवा कार्यों की जिम्मेदारी निभाता आ रहा है। मंदिर में वर्षभर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ट्रस्ट से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी दतिया धाम में पांचवीं बार 36 दिवसीय निराहार साधना कर रहे हैं। हालांकि, ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर में उनके द्वारा पहली बार लोककल्याण और जनकल्याण के उद्देश्य से इस साधना का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है और भक्तजन गुरुजी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 17 नवंबर को 36 दिवसीय साधना की अवधि पूरी होने पर मां बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके अगले दिन, 18 नवंबर को विशाल भंडारा आयोजित होगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धालु और सेवादार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। इस दौरान बबलू सिंह सहित कई भक्तजन आयोजन से जुड़ी तैयारियों और सेवा कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि महायज्ञ और भंडारे में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दतिया धाम पहुंचेंगे।
दतिया धाम में जारी यह धार्मिक अनुष्ठान आस्था, साधना और लोककल्याण के संकल्प से जुड़ा है। 36 दिवसीय निराहार बगलामुखी साधना के उपरांत मां बगलामुखी महायज्ञ और विशाल भंडारे के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होगा।