हल्द्वानी: मनमाने चालान-उत्पीड़न के खिलाफ ट्रांसपोर्ट व्यवसायी सड़क पर उतरने को मजबूर, 15 दिन का अल्टीमेटम

खबर शेयर करें

15 दिन में मांगे न मानी गईं तो महासंघ करेगा राज्यव्यापी आन्दोलन, आरटीओ कार्यालयों में जमा होंगी गाड़ियों की चाबियां_

हल्द्वानी — उत्तराखण्ड देवभूमि ट्रक आनर्स महासंघ ने राज्य में परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा की जा रही “मनमानी चालानी कार्रवाई और चरम उत्पीड़न और प्रताड़ना के विरोध में कड़ा रुख अपनाते हुए आज आन्दोलन की चेतावनी जारी की है

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से प्रदेश भर में ट्रांसपोर्ट कारोबारियों, वाहन स्वामियों और चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे न केवल व्यवसाय ठप हो गया है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका व रोजी-रोटी पर संकट आ गया है और प्रभावित हो रही है

मुख्य आरोप:

  1. अविवेकपूर्ण चालान: हाल ही में रामनगर के ट्रक स्वामी श्री ताहिर हुसैन का 2,41,000 रुपये का चालान काटा गया, जो न्यायसंगत नहीं है।
  2. गैरकानूनी कार्रवाई: चलती गाड़ियों में ऑनलाइन चालान और बिना ड्राइवर के खड़ी गाड़ियों पर चालान की कॉपी चस्पा करना माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के विपरीत है।
  3. व्यवसाय में बाधा: वीआईपी मूवमेंट, पर्यटन और वीकेंड के नाम पर सप्ताह में 2-3 दिन गाड़ियां खड़ी करवा दी जाती हैं, जिससे वाहन स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महासंघ की प्रमुख मांगे:
    महासंघ ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। प्रमुख मांगे निम्न हैं:
  • *आर्थिक छूट *सप्ताह में 2 दिन के नुकसान के हिसाब से वर्ष के 104 दिन का मुआवजा – टैक्स, बीमा, चालक वेतन सहित – वाहन स्वामियों को छूट दि जाए।
  • सम्पूर्ण ट्रांसपोर्ट नीति: राज्य के लिए एक पारदर्शी ट्रांसपोर्ट नीति घोषित की जाए और नीति निर्माण में सभी पंजीकृत यूनियनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
  • टैक्स में राहत: पिछले 5 वर्षों में हुए नुकसान को देखते हुए सम्पूर्ण टैक्स पेनाल्टी पर 125% की छूट दी जाए और हर वर्ष होने वाली 5% टैक्स बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए।
  • वन टाइम सेटलमेंट: चालानों में 50% की छूट देकर कारोबारियों को मंदी से बाहर निकालने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की जाए।
  • पहाड़ी नियमों में सुधार: GVW को 16200 से बढ़ाकर 18500 किया जाए, पहाड़ों पर सिंगल एक्सल और 4500 MM व्हील बेस की सीमा तय हो, तथा सभी प्रवेश द्वारों पर ऑटोमेटेड कांटे स्थापित किए जाएं।
    वाहन की क्षमता के अनुसार ही खनन सामग्री की रॉयल्टी काटी जाए
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक विजय पर भव्य तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा

15 दिन की अंतिम चेतावनी
महासंघ ने राज्य सरकार, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि में उपरोक्त मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश के सभी ट्रक स्वामी और चालक अपनी गाड़ियों की चाबियां संबंधित RTO/ARTO कार्यालयों में जमा कर देंगे।

यह भी पढ़ें 👉  Covid Update: उत्तराखंड में कोरोना वायरस के बढ़े मरीज , चार नए मामले सामने आए

महासंघ के अध्यक्ष ने कहा, “गाड़ी मालिक सड़क पर, गाड़ी यार्ड पर” के संकल्प के साथ हम आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की होगी।
बैठक में अध्यक्ष राकेश जोशी, रमेश चंद्र जोशी
ललित पाठक चामू सिंह विक्रम बिष्ट भास्कर जोशी, जगमोहन उप्रेती, ग्रीस मेलकानी, करन मनराल, धन सिंह गेलाकोटि , आफताब हुसैन, हरजीत सिंह चड्ढा, शिव सिंह , पूरन चंद्र कांडपाल, राजेंद्र सिंह बिष्ट। आदि ट्रांसपोर्ट व्यावसायि मौजूद रहे।