जनगीतों और पारंपरिक झोड़ा-चांचरी के बीच गूंजी राजस्व ग्राम की मांग, 200 से अधिक घरों तक पहुंचा जनजागरूकता अभियान; 27 सितंबर की प्रस्तावित रैली को लेकर बढ़ा उत्साह
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वनाधिकार संगठन के नेतृत्व में 15 अगस्त से जारी घर-घर जनजागरूकता पदयात्रा के 17वें दिन सोमवार को खुरियाखत्ता क्षेत्र में जबरदस्त जनसैलाब उमड़ा। खुरियाखत्ता दुग्ध समिति से शुरू हुई पदयात्रा खुरियाखत्ता नंबर-1, नंबर-2 और मालूझत्ता होते हुए वापस दुग्ध समिति पहुंचकर संपन्न हुई।
पदयात्रा में महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी ने पूरे अभियान को एक विशाल रैली का स्वरूप दे दिया। इस दौरान 200 से अधिक घरों तक पहुंचकर लोगों को बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग के प्रति जागरूक किया गया। करीब 500 से अधिक महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने क्षेत्र में आंदोलन के बढ़ते जनसमर्थन को सामने रखा।
जनगीतों ने भरा जोश, गूंजी राजस्व ग्राम की मांग
पदयात्रा के दौरान लोक गायक जीवन पांडे ने जनकवि गिरदा के जनगीतों की प्रस्तुति दी। जनगीतों के बीच पदयात्रा में शामिल लोगों ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग को जोरदार तरीके से बुलंद किया। गीत-संगीत और जनसरोकार से जुड़े इस अभियान ने पदयात्रा के माहौल को और प्रभावशाली बना दिया।
झोड़ा-चांचरी में दिखा आंदोलन और लोक संस्कृति का संगम
वहीं बटुकेश्वर महादेव मंदिर में सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक झोड़ा और चांचरी प्रस्तुत की। महिलाओं ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की कामना के साथ भगवान महादेव से आशीर्वाद लिया। आंदोलन के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति का यह अनूठा संगम क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र रहा।
27 सितंबर की रैली को लेकर बढ़ी चर्चा
पदयात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच ग्रामीणों के बीच 27 सितंबर को प्रस्तावित जनसभा एवं विशाल रैली को लेकर भी चर्चा होती रही। लोगों का कहना था कि जब घर-घर जनसंपर्क अभियान की पदयात्रा में ही इतना बड़ा जनसैलाब उमड़ रहा है, तो 27 सितंबर की जनसभा और विशाल रैली का नजारा निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगा।
निर्णायक मुकाम तक लड़ाई पहुंचाने का संकल्प
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग अब अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए एकजुट हो चुके हैं। घर-घर पहुंच रही पदयात्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व ग्राम की मांग अब केवल कुछ लोगों की मांग नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे बिंदुखत्ता की सामूहिक आवाज बन चुकी है।
ये रहे प्रमुख रूप से शामिल
पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव एडवोकेट बलवंत बिष्ट, उपाध्यक्ष भरत नेगी, दीपक जोशी, ममता बिष्ट, संध्या डालाकोटी, खुरियाखत्ता पदयात्रा संयोजक रमेश गोस्वामी सहित नंदन बोरा, दीपक नेगी, भूपेश जोशी, दौलत कोरंगा, करम सिंह कोरंगा, प्रताप बिष्ट, हरीश कोरंगा, उदय सिंह मेहरा, मोहन सिंह बोरा, मोहनी मेहता, द्रोपदी देवी, भारती देवी, मोतिमा देवी, रुकमा देवी, जानकी देवी सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल रहे।
