रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास और संस्कारों का पर्व: सत्य साधक विजेंद्र पांडे गुरु जी ने दी शुभकामनाएं और आशीर्वाद

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देहरादून/श्रावस्ती। जय मां पीतांबरी साधना एवं दिव्य योग ट्रस्ट के संस्थापक सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने सभी भक्तजनों को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है। इस अवसर पर गुरु जी ने सभी भक्तजनों की सुख-समृद्धि की कामना मां पीतांबरी से करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का पवित्र प्रतीक है।
गुरु जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्व और त्योहार केवल परंपराओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश भी निहित हैं। रक्षाबंधन हमें अपने रिश्तों की गरिमा को समझने, परिवार में प्रेम और सम्मान बनाए रखने तथा एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है। राखी का यह पवित्र धागा भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास और सुरक्षा के संकल्प को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में जब जीवन की भागदौड़ के कारण पारिवारिक रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं, ऐसे समय में रक्षाबंधन जैसे पर्व हमारी संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। यह पर्व हमें अपनी बहनों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के प्रति सदैव सजग रहने का संदेश देता है। साथ ही बहनों के प्रति स्नेह, सम्मान और सहयोग की भावना को और मजबूत करता है।
सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने कहा कि मां पीतांबरी की कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी प्रेम बना रहे। उन्होंने भक्तजनों से आह्वान किया कि वे रक्षाबंधन के अवसर पर केवल एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने जीवन में प्रेम, सेवा, करुणा और सद्भाव को भी अपनाएं। परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना ही पर्वों की वास्तविक सार्थकता है।
गुरु जी ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा जाने वाला रक्षा सूत्र मंगलकामना और विश्वास का प्रतीक है। यह धागा भाई को अपनी बहन की रक्षा, सम्मान और हर परिस्थिति में साथ देने के संकल्प की याद दिलाता है। वहीं बहन भी अपने भाई के सुखी, स्वस्थ और सफल जीवन की कामना करती है। यही भाव रक्षाबंधन को प्रेम और आस्था से जुड़ा विशिष्ट पर्व बनाता है।
उन्होंने सभी भक्तजनों एवं प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए मां पीतांबरी से प्रार्थना की कि सभी के जीवन से संकट दूर हों, परिवारों में खुशहाली आए और समाज में भाईचारा, प्रेम एवं सद्भाव की भावना निरंतर मजबूत होती रहे।