बिंदुखत्ता राजस्व गांव को लेकर अधिसूचना नहीं हुई तो 5 अक्टूबर से क्रमिक प्रदर्शन की चेतावनी

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32 गांव 32 दिनों तक बारी-बारी से करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन, आश्वासन पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 5 अक्टूबर से लालकुआं तहसील परिसर में क्रमिक प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। 27 सितंबर को हुई विशाल महारैली और धरने के बाद वन अधिकार संगठन तथा पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में 27 सितंबर की महारैली के दौरान मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में शामिल कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा की ओर से दिए गए आश्वासन पर भी चर्चा हुई। संगठन के अनुसार, मंत्री ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने संबंधी अधिसूचना जारी करने के लिए देहरादून में 10 दिन के भीतर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर निश्चित समाधान निकालने का आश्वासन दिया था।
संगठन ने कहा कि यदि तय समय में आश्वासन पर कार्रवाई नहीं होती है तो 5 अक्टूबर से ग्रामवार क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके तहत बिंदुखत्ता के 32 गांव 32 दिनों तक लालकुआं तहसील परिसर में बारी-बारी से प्रदर्शन करेंगे। प्रत्येक दिन एक गांव के ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से तहसील परिसर पहुंचकर राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग उठाएंगे।
बैठक में आंदोलन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि क्रमिक प्रदर्शन के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक बिंदुखत्ता के ग्रामीणों की मांग को लगातार पहुंचाया जाएगा।
संगठन ने यह भी तय किया कि 32 दिवसीय क्रमिक प्रदर्शन पूरा होने के बाद रामनगर, गौलापार समेत अन्य वन गांवों के लोगों को आंदोलन से जोड़ते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। सभी 32 गांवों की बारी पूरी होने के बाद जिले या प्रदेश स्तर पर एक और महा रैली आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में बताया गया कि बिंदुखत्तावासी 15 अगस्त 2026 से पदयात्रा कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, 27 सितंबर को आयोजित महारैली और धरने में 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। अब 5 अक्टूबर से शुरू होने वाले 32 दिवसीय क्रमिक प्रदर्शन के जरिए राजस्व गांव के दर्जे की मांग को आगे बढ़ाया जाएगा।