गौला मुख्य मार्ग से इंदिरानगर द्वितीय तक कई रास्तों पर कब्जे के आरोप, ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाकर चौड़े लिंक मार्ग बनाने की उठाई मांग
लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर कथित अतिक्रमण के चलते आवागमन की समस्या गंभीर होती जा रही है। गौला मुख्य मार्ग से लेकर इंदिरानगर द्वितीय और अन्य लिंक मार्गों पर सड़क की जगह घेरने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुकानों के आगे बनाए गए रैंप और सड़क की ओर बढ़ाकर बनाई गईं मकानों की बाउंड्री वॉल के कारण रास्ते संकरे होते जा रहे हैं। इससे न केवल वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
क्षेत्र के इन मार्गों पर खनन से जुड़े वाहनों के साथ स्कूली बसें, कृषि वाहन, दुग्ध वाहन और अन्य भारी वाहन भी गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की चौड़ाई कम होने से आमने-सामने वाहनों के आने पर आवागमन बाधित होता है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई स्थानों पर सड़क किनारे की जगह का उपयोग निजी निर्माण के लिए किए जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण हटाने और कार्रवाई की मांग
बिंदुखत्ता में सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर युवा मंच सहित विभिन्न संगठनों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण के कारण भविष्य में आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है। संकरे मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
ग्रामीणों ने सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर अवैध कब्जों की जांच कर उन्हें हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की वास्तविक चौड़ाई निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति के निजी निर्माण से सार्वजनिक आवागमन बाधित न हो। उन्होंने शासन-प्रशासन से अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने की भी अपील की है।
24 फीट चौड़ी सड़कें बनाने की मांग
ग्रामीणों ने केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित न रहते हुए क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जिन मार्गों की चौड़ाई कम है, वहां आवश्यकता के अनुसार सड़क को कम से कम 24 फीट तक चौड़ा किया जाए। इसके बाद सड़कों का डामरीकरण कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़कों के चौड़ीकरण से स्कूली बसों, कृषि और दुग्ध वाहनों के साथ खनन से जुड़े वाहनों को निकलने में सुविधा मिलेगी। साथ ही पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण मार्गों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
