अपने जन्मदिवस को खास बनाने के बजाय समाज के दिव्यांग बच्चों के लिए समर्पित किया पूरा दिन!
समाजसेवा और मानवता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बिंदुखत्ता निवासी समाजसेवी लाखन सिंह मेहता ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल करते हुए दिव्यांग बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। उन्होंने अपना जन्मदिवस सादगी के साथ मनाते हुए इन बच्चों के बीच समय बिताया और उनके साथ खुशियां साझा कीं!
इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए केक काटा गया, और उन्हें प्यार एवं स्नेह के साथ उपहार भी भेंट किए गए। बच्चों के साथ समय बिताते हुए लाखन मेहता ने कहा कि जन्मदिन तभी सार्थक है, जब हमारी खुशियां किसी ऐसे व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, जिसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें दया नहीं, बल्कि सम्मान, समान अवसर और अपनापन मिलना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
लाखन मेहता की इस पहल ने यह संदेश दिया कि जन्मदिन केवल स्वयं के लिए खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और विशेष बच्चों के साथ खुशियां बांटने का भी दिन हो सकता है।
उनकी इस संवेदनशील पहल की क्षेत्रवासियों ने सराहना करते हुए कहा कि समाजसेवा का असली अर्थ तभी है, जब किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए हम अपना समय और खुशियां साझा करें।
लाखन मेहता का यह जन्मदिन समारोह निश्चित रूप से एक ऐसी सकारात्मक पहल के रूप में याद किया जाएगा, जिसने उत्सव को मानवता और संवेदनशीलता से जोड़ने का संदेश दिया।
