सत्य साधक गुरु जी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, बोले- गौ सेवा से मिलती है भगवान श्रीकृष्ण की कृपा

खबर शेयर करें

गुरु जी ने कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने गौ सेवा को दिया विशेष महत्व, श्रद्धालु जन्माष्टमी पर लें गौ सेवा और संरक्षण का संकल्प

श्रावस्ती। जय मां पीतांबरी साधना एवं दिव्य योग ट्रस्ट के संस्थापक सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने समस्त देशवासियों एवं श्रद्धालुओं को पावन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करते हुए कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, शिक्षाओं और जीवन दर्शन को आत्मसात करने का पावन अवसर है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से मानव समाज को प्रेम, करुणा, सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं: मनीष बोरा को विधायक प्रतिनिधि बनाए जाने पर खुशी का इजहार

सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ साधन गौ सेवा है। भगवान श्रीकृष्ण का गौ माता से विशेष प्रेम रहा और उन्होंने स्वयं गौ सेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति में निहित सेवा, करुणा और संवेदना की भावना है। गौ माता की सेवा करने से मन में सात्विकता आती है और व्यक्ति के भीतर दया, परोपकार तथा सेवा का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से गौ सेवा करता है, उसके जीवन में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: स्कूटी गहरी खाई में गिरी , हादसे में एक महिला की मौत , तीन घायल

गुरु जी ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा, “याद रखो, गो सेवक कभी निर्धन नहीं होते।” उन्होंने कहा कि निर्धनता का अर्थ केवल धन का अभाव नहीं है, बल्कि वास्तविक समृद्धि संतोष, संस्कार, सेवा और ईश्वर की कृपा में निहित है। गौ सेवा करने वाला व्यक्ति समाज और प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को समझता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौ सेवा और गौ संरक्षण का संकल्प भी लें। उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी सेवा भी यदि सच्ची श्रद्धा और निस्वार्थ भावना से की जाए तो उसका आध्यात्मिक महत्व बहुत बड़ा होता है।

यह भी पढ़ें 👉  महाविद्यालय में हैदर फिल्म का प्रदर्शन- Nainital News

सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों को केवल मंदिरों और धार्मिक आयोजनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और जीवन में उतारा जाए। प्रेम, सद्भाव, करुणा, परोपकार, गौ सेवा और मानव सेवा को जीवन का हिस्सा बनाकर ही समाज में वास्तविक शांति और समृद्धि स्थापित की जा सकती है। उन्होंने सभी देशवासियों से जन्माष्टमी के पावन पर्व को श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाने का आह्वान करते हुए पुनः श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण से समस्त देशवासियों के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।