सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने राजस्व ग्राम घोषित करने और पंचायत चुनाव का अधिकार देने की मांग उठाई
लालकुआं/बिंदुखत्ता। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड शासन मस्तू दास ने एसआईआर से संबंधित जांच के सिलसिले में बिंदुखत्ता क्षेत्र का दौरा किया। इंदिरा नगर पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों और पूर्व सैनिकों ने पूर्व सैनिक रमेश जोशी के नेतृत्व में निर्वाचन अधिकारी, देहरादून के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि बिंदुखत्ता क्षेत्र के 32 गांव राजस्व ग्राम नहीं होने के कारण यहां के निवासी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान करते हैं, लेकिन पंचायत चुनाव में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाग लेने से वंचित हैं।
ग्रामीणों ने राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग उठाते हुए कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बिंदुखत्ता को अभी तक राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इसके कारण क्षेत्र को विभिन्न सरकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि राजस्व ग्राम की मांग को लेकर 15 अगस्त से पदयात्रा जारी है। ग्रामीणों ने 27 सितंबर को तहसील में धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित होने की जानकारी भी दी।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया, तो क्षेत्र के 30 से 40 हजार मतदाताओं द्वारा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है।
इस दौरान ग्रामीणों ने शासन से बिंदुखत्ता को जल्द राजस्व ग्राम घोषित करने और पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। मौके पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडेय, तहसीलदार लालकुआं ईश्वर सिंह भीमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सैनिक रमेश जोशी, विक्रम धामी, राजेश भट्ट, गणेश पांडे, दयाकिशन जोशी और रमेश भट्ट सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
