श्रीमद्भागवत कथा में रविशंकर जी महाराज ने भक्ति, सत्य, सेवा और सदाचार का दिया संदेश, 3 अक्टूबर को पूर्णाहुति के बाद होगा भंडारा
लालकुआं। राजीव नगर बंगाली कॉलोनी स्थित श्री श्री काली मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन कथा व्यास पूज्य श्री रविशंकर जी महाराज (श्री वृंदावन धाम) ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेशों से अवगत कराया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा श्रवण किया और भक्ति भाव से धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
कथा व्यास श्री रविशंकर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, धर्म, सदाचार और ईश्वर के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि जीवन में आध्यात्मिक चिंतन और सत्संग का विशेष महत्व है। भगवान की भक्ति के साथ मनुष्य को अपने आचरण में भी धर्म और सद्भाव को अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे अपने जीवन में ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास को भी स्थान देना चाहिए। श्रीमद्भागवत मनुष्य को अपने कर्मों का आत्मचिंतन करने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान का स्मरण और विश्वास मनुष्य को धैर्य प्रदान करता है।
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को कथा के माध्यम से जीवन में सत्य, संयम, सेवा और सद्भावना के महत्व को समझाया। महाराज ने कहा कि भक्ति केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे कर्म, मानव सेवा और दूसरों के प्रति प्रेम एवं करुणा भी भक्ति का महत्वपूर्ण स्वरूप है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद की सहायता करना, परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना तथा सभी के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव रखना भी ईश्वर की सच्ची आराधना है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से सत्संग और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन से जुड़ने का आह्वान किया। महाराज ने कहा कि सत्संग से मनुष्य को जीवन के सही मार्ग की प्रेरणा मिलती है और उसके विचारों में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कारों को अपने जीवन में उतारने तथा आने वाली पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन 26 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक किया गया। कथा का आयोजन श्री श्री काली मंदिर, राजीव नगर, बंगाली कॉलोनी, लालकुआं, जिला नैनीताल में हुआ।
3 अक्टूबर को पूर्णाहुति के बाद भंडारा
श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर शनिवार, 3 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने तथा धार्मिक आयोजन के पुण्य के भागीदार बनने की अपील की है।
