बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम पर भाजपा-इंडिया गठबंधन से जवाब मांगेंगे आंदोलनकारी

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बिंदुखत्ता का दावा 19 जून 2024 को शासन को भेजे जाने के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं होने पर वन अधिकार संगठन ने उठाए सवाल, 23 अक्टूबर को लालकुआं तहसील परिसर में ‘राजनीतिक दल जवाब दो’ कार्यक्रम में दोनों पक्षों को आमंत्रित किया।

लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन के अनिश्चितकालीन धरने के 17वें दिन बुधवार को रावत नगर ग्रामसभा ने राजस्व ग्राम की अधिसूचना और गौला नदी पर तटबंध निर्माण की मांग को लेकर तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

इसी क्रम में वन अधिकार संगठन ने भाजपा सरकार और इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व सहित स्थानीय अध्यक्षों को खुला पत्र भेजकर 23 अक्टूबर 2026 को तहसील परिसर, लालकुआं में आयोजित ‘राजनीतिक दल जवाब दो’ कार्यक्रम में शामिल होकर जनता के सवालों का जवाब देने के लिए आमंत्रित किया है। संगठन का कहना है कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत बिंदुखत्ता का दावा 19 जून 2024 को स्वीकृत होकर शासन को भेजा गया था, लेकिन अब तक राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं हुई। इसके बजाय भाजपा सरकार द्वारा कानून के प्रावधानों विपरीत पत्रावली सुप्रीम कोर्ट भेजने की बात की जा रही है, जिसके लिए इंडिया गठबंधन भी वन भूमि के अनारक्षण की मांग को लेकर समानांतर आंदोलन चला रहा है।

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संगठन ने सवाल उठाया है कि जब राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया वन अधिकार अधिनियम के तहत आगे बढ़ चुकी है, तो अन्य रास्तों की पैरवी करने से जनता में भ्रम पैदा हो रहा है और मूल आंदोलन कमजोर हो रहा है।

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खुले पत्र में भाजपा से स्वीकृत दावे के बावजूद अधिसूचना जारी न होने, सुप्रीम कोर्ट जाने के आधार और संभावित परिणामों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल पूछे गए हैं। वहीं, इंडिया गठबंधन से वन अधिकार अधिनियम के बजाय वन भूमि अनारक्षण की मांग करने तथा केंद्र सरकार को पत्रावली भेजने के रास्ते की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।

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वन अधिकार संगठन ने दोनों पक्षों से आग्रह किया है कि वे अपने प्रस्तावित रास्तों का कानूनी आधार स्पष्ट करें और खुले मंच पर जनता के सवालों का जवाब दें।

आज अनिश्चितकालीन धरने में संयोजक त्रिलोक सिंह राणा, एडवोकेट बलवंत बिष्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, रमेश गोस्वामी, श्याम सिंह रावत, ममता बिष्ट, दौलत सिंह कोरंगा, दीपक जोशी, बसंत पाण्डे, गोविन्द गिरी, भूपाल सिंह रावत, पुष्कर भण्डारी, जीवन पाण्डे, दीप कर्नाटक, मंगल सिंह कोश्यारी, लीला देवी गीता देवी, कैलाश मेहता इत्यादि शामिल रहे।