सांसद अजय भट्ट की फटकार का असर, एक्शन में NHAI; हाईवे-109 पर सुरक्षा के कई फैसले

खबर शेयर करें


हल्द्वानी/लालकुआं। राष्ट्रीय राजमार्ग-109 (हल्द्वानी-लालकुआं-पंतनगर खंड) पर लगातार हो रहे हादसों और हाईवे की विभिन्न समस्याओं को लेकर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। सांसद अजय भट्ट ने हाल ही में अपने हल्द्वानी स्थित आवास पर एनएचएआई अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर हाईवे की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

सांसद के निर्देशों के बाद बुधवार को एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अचल जिंदल अपनी तकनीकी टीम के साथ हल्दूचौड़ पहुंचे। सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खाती के नेतृत्व में एनएचएआई अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, व्यापार मंडल पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाईवे के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया।

कई घंटे चले निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को हाईवे पर मौजूद ब्लैक स्पॉट, अव्यवस्थित कट, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, डिवाइडर कट, प्रकाश व्यवस्था एवं आवारा गौवंश सहित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने मौके पर समस्याओं का निरीक्षण करते हुए उनके तकनीकी समाधान पर चर्चा की और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: कोल्ड ड्रिंक में नशा पिलाकर युवती के साथ किया दुष्कर्म

निरीक्षण के दौरान तय किया गया कि हल्दूचौड़ चौराहे के कट को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से विकसित किया जाएगा। वहीं एवरग्रीन स्कूल के सामने भी आवागमन की आवश्यकता को देखते हुए मानकों के अनुरूप कट बनाए जाने पर सहमति बनी।

हाईवे के विभिन्न मीडियन कट्स पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए मानकों के अनुसार लगभग 6 से 7 मीटर के बैरिकेड्स लगाए जाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने तथा आवश्यकतानुसार चेतावनी एवं दिशा-सूचक साइन बोर्ड लगाए जाने का निर्णय लिया गया।

पैदल यात्रियों एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तीन स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इनमें ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के सामने, हल्दूचौड़ मुख्य बाजार तथा बबुर गुमटी के पास फुट ओवर ब्रिज प्रस्तावित किए गए हैं।

इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को तेज रफ्तार हाईवे पर सीधे आने से बचाने तथा सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईवे के दोनों ओर लगभग तीन-तीन फीट की सर्विस लाइन/मार्ग विकसित किए जाने पर भी सहमति बनी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 15- 20 जून के आसपास मानसून पहुंचने का अनुमान ,इस बार होगी सामान्य से अधिक वर्षा

हाईवे पर दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन रहे आवारा गौवंश की समस्या के समाधान के लिए भी तत्काल व्यवस्था करने पर सहमति बनी। इसके तहत एनएचएआई के जेसीबी ऑपरेटर का मोबाइल नंबर हाईवे के प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक रूप से चस्पा किया जाएगा, ताकि आवारा गौवंश की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके।

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खाती ने कहा कि सांसद अजय भट्ट का स्पष्ट निर्देश है कि हाईवे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थलीय निरीक्षण का उद्देश्य केवल समस्याओं को देखना नहीं, बल्कि उनके स्थायी और व्यावहारिक समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

संयुक्त निरीक्षण में सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी, ग्राम प्रधान रुक्मणी नेगी, पूजा बिष्ट, इंद्र सिंह बिष्ट, जीवंती देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र दुर्गापाल, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भंडारी, व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे, कोऑपरेटिव समिति हल्दूचौड़ के अध्यक्ष मोहन चंद्र दुर्गापाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य चंपा पांडेय, खीम सिंह बिष्ट, कार्तिक बामेठा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ ,संचालक गिरफ्तार

एनएचएआई के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान तय किए गए बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सांसद अजय भट्ट द्वारा क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर विषय को प्राथमिकता से उठाए जाने तथा अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए जाने से क्षेत्रवासियों में सुरक्षित हाईवे को लेकर उम्मीद जगी है।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने सांसद श्री अजय भट्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी गंभीरता और त्वरित पहल से अब समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम आगे बढ़े हैं।