आत्मलाभ के लिए कर रहे 11 दिवसीय निराहार साधना, गुरुजी के दर्शन को बताया अलौकिक आनंद की अनुभूति
दतिया धाम। मां पीतांबरा शक्तिपीठ के समीप स्थित ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर में सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी की 36 दिवसीय निराहार साधना निरंतर जारी है। प्रथम नवरात्र से साधनारत गुरुजी के समीप ही मुजफ्फरनगर के शुक्रताल निवासी वेद प्रकाश द्विवेदी भी आत्मलाभ की कामना से 11 दिवसीय साधना में लीन हैं। इस दौरान दोनों साधकों का आध्यात्मिक मिलन हुआ। वेद प्रकाश द्विवेदी ने गुरुजी के दर्शन को अपने लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया।
वेद प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से अध्यात्म के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह नियमित रूप से भागवत कथा सहित विभिन्न धार्मिक कथाओं का श्रवण करते हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्ष में एक या दो बार दतिया धाम स्थित राम जानकी मंदिर अवश्य आते हैं और यहां साधना करते हैं। इस बार वह आत्मलाभ की भावना से 11 दिवसीय साधना कर रहे हैं।
गुरुजी के दर्शन से मिली अलौकिक आनंद की अनुभूति
वेद प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरुजी से उनकी पहली मुलाकात हुई है। गुरुजी के दर्शन और उनसे मिलकर उन्हें जिस आनंद की अनुभूति हुई, उसे शब्दों में व्यक्त करना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने इसे अलौकिक आनंद बताते हुए कहा कि गुरुजी प्रेम, दया और करुणा की महान मूर्ति हैं। उनके दर्शन का लाभ पाकर वह स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
17 नवंबर को महायज्ञ में शामिल होने की जताई इच्छा
वेद प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि मां पीतांबरा की कृपा हुई तो वह 17 नवंबर को प्रस्तावित मां बगलामुखी महायज्ञ में अवश्य शामिल होने का प्रयास करेंगे। दतिया धाम स्थित राम जानकी मंदिर में चल रही साधना के बीच यह आध्यात्मिक मिलन उनके लिए विशेष अनुभूति का अवसर बना है।
