सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने भक्तों की सुख-समृद्धि की कामना की, मां पीतांबरी की महिमा और साधना का महत्व बताया

श्रावस्ती। जय मां पीतांबरी साधना एवं दिव्य योग ट्रस्ट के संस्थापक सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने पावन पर्व मां बगलामुखी जयंती के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं और भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हुए कहा कि यह दिन साधना, श्रद्धा और आत्मशक्ति के जागरण का विशेष अवसर है।
गुरु जी ने अपने प्रवचन में कहा कि मां बगलामुखी, जिन्हें पीतांबरी देवी के नाम से भी जाना जाता है, दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं और उन्हें शत्रु-विनाश, वाणी-सिद्धि और न्याय की देवी माना जाता है। उन्होंने बताया कि मां की साधना से व्यक्ति को नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं और बाधाओं पर विजय प्राप्त होती है। मां बगलामुखी की कृपा से साधक के जीवन में स्थिरता, साहस और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।
उन्होंने आगे कहा कि मां बगलामुखी की विशेषता यह है कि वे अपने भक्तों के कष्टों को हरकर उन्हें सुरक्षा प्रदान करती हैं। उनके स्वरूप में पीला रंग अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ज्ञान, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है। इसी कारण उनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले पुष्प और हल्दी का विशेष महत्व माना जाता है। गुरु जी ने बताया कि मां की सच्चे मन से की गई साधना से व्यक्ति की वाणी में प्रभाव आता है और जीवन में आने वाली विपरीत परिस्थितियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
सत्य साधक श्री विजेंद्र पांडे गुरु जी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि आज के समय में जब व्यक्ति मानसिक तनाव और अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में मां बगलामुखी की उपासना आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर पर साधना, जप और ध्यान के माध्यम से मां की कृपा प्राप्त करें तथा अपने जीवन को धर्म और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ाएं।
अंत में गुरु जी ने कहा कि मां बगलामुखी की असीम कृपा से सभी भक्तों के जीवन में खुशहाली, सफलता और आध्यात्मिक जागरण का प्रकाश फैले—इसी मंगल कामना के साथ उन्होंने पुनः सभी को बगलामुखी जयंती की शुभकामनाएं दीं।
