बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग पर राजनीतिक दलों की बेरुखी, 19वें दिन भी धरना जारी

खबर शेयर करें

वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने की मांग, परिचर्चा में तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों के मंडल अध्यक्ष नहीं पहुंचे; तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार को सौंपा ज्ञापन

लालकुआं। वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर वनाधिकार संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन, बिंदुखत्ता की ओर से तहसील परिसर में विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा में तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों के स्थानीय मंडल अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया था, ताकि वे इस मुद्दे पर अपनी-अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट कर सकें। हालांकि, दोपहर एक बजे कार्यक्रम समाप्त होने तक कोई भी आमंत्रित प्रतिनिधि आयोजन स्थल पर नहीं पहुंचा।
तहसील परिसर में राजस्व गांव की मांग को लेकर क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को 19वें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। वक्ताओं का कहना था कि राजनीतिक दलों की नीयत स्पष्ट नहीं होने के कारण इस मामले में अपेक्षित परिणाम मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व बिंदुखत्तावासियों के बीच फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने ग्रामीणों से ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
शासन स्तर पर अधिसूचना का इंतजार
वक्ताओं ने कहा कि 19 जून 2024 से संबंधित सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं और राजस्व गांव बनाने से जुड़ी पत्रावली शासन स्तर पर अधिसूचना जारी होने की प्रतीक्षा कर रही है। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए। वक्ताओं ने इसे क्षेत्र की बड़ी आबादी की उपेक्षा बताते हुए सरकार से मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अधिसूचना जारी करने की मांग की गई।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों के साथ ग्राम सभा तिवारी नगर, चित्रकूट के संयोजक नवीन जोशी, सहसंयोजक कैप्टन खुशाल सिंह कोश्यारी, मंगल सिंह मेहता, डिगर सिंह, विनोद जोशी, दया किशन, त्रिलोक सिंह, खीम सिंह कार्की, गौरव जोशी, आनंदी कार्की, आशा कार्की, हेमा गोस्वामी, शोभा चौबे, प्रेमा धामी, भावना, रंजीत गड़िया, उमेश जोशी, लक्ष्मी दत्त बगोरिया, डूंगर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।