पौड़ी। गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज के गजल्ड में सक्रिय गुलदार को बुधवार रात शिकारियों ने ढेर कर दिया। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने इसकी पुष्टि की है। मशहूर शिकारी जॉय हुकिल ने आदमखोर गुलदार को मार गिराया।
इस नरभक्षी के मारे जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। शिकारी जॉय हुकिल का यह 48वां शिकार था।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को गुलदार प्रभावित गांव गजल्ड का दौरा करने के बाद प्रमुख सचिव वन और प्रमुख वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने यहां शूटर तैनात करने के आदेश दिए थे। सोमवार रात से ही यहां शूटर जॉय हुकिल और रमेश बड़थ्वाल ने वन विभाग की टीम के साथ डेरा डाला हुआ था। बुधवार रात आखिरकार गजल्ड का नरभक्षी गुलदार शिकारियों की गोली का निशाना बन गया। बताया जा रहा है कि ढेर हुआ आदमखोर करीब पांच साल की मादा गुलदार थी।
गजल्ड में गुलदार के ढेर होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। इस गुलदार ने बीते गुरुवार को एक व्यक्ति को मार डाला था। गुलदार के डर से शिक्षा विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के 62 स्कूलों को गुरुवार तक के लिए बंद कर दिया था। डीएफओ गढ़वाल अभिमन्यु सिंह ने बताया कि गजल्ड में विभागीय टीम और शिकारी दल तैनात किया गया था। बुधवार की रात गुलदार को टीम ने मार गिराया। इधर आतंक का पर्याय बने गुलदार के मारे जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए शासन प्रशासन और वन विभाग का आभार व्यक्त किया है।
सीएम धामी के निर्देशों का त्वरित अनुपालन
पौड़ी जनपद के गजेल्ड (गजल्ड) गांव में पिछले कुछ समय से आतंक मचा रहे नर-भक्षी गुलदार को आखिरकार ढेर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के त्वरित, स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग ने विशेष शिकारियों की टीम तैनात की थी। लगातार निगरानी, ट्रैकिंग और सघन अभियान के बाद टीम ने गुलदार को सफलतापूर्वक मार गिराया।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए थे कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और शिकार विशेषज्ञों ने समन्वित प्रयास करते हुए यह कार्रवाई पूरी की।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित क्षेत्र में सतर्कता और गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा और जीवन की रक्षा के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
