लालकुआँ। क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध अब जनआक्रोश निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। अवैध कच्ची शराब, स्मैक, चरस और अन्य मादक पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर लंबे समय से स्थानीय नागरिकों द्वारा शिकायतें की जाती रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि लगातार सूचनाएँ दिए जाने के बावजूद अपेक्षित स्तर पर कठोर और स्थायी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इसी पृष्ठभूमि में क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति ने 26 फ़रवरी को लालकुआँ तहसील परिसर में एक दिवसीय विशाल, शांतिपूर्ण धरना आयोजित करने की घोषणा की है।
समिति के संयोजक पीयूष जोशी ने बताया कि यह निर्णय व्यापक जनपरामर्श के बाद लिया गया है। उनका कहना है कि नशे की समस्या अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह समाज की जड़ों को कमजोर कर रही है। अनेक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं, युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है और मातृशक्ति में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
धरने का उद्देश्य प्रशासन के साथ टकराव नहीं, बल्कि प्रभावी और दृश्यमान कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम पूर्णतः लोकतांत्रिक, अहिंसात्मक और संवैधानिक दायरे में होगा। धरने के दौरान ज्ञापन सौंपकर अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर नियमित छापेमारी, संदिग्ध स्थलों की निगरानी, युवाओं के लिए जागरूकता अभियान और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
पीयूष जोशी ने क्षेत्र के युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि “यह लड़ाई आपके भविष्य की है। यदि आज आप जागेंगे नहीं, तो कल बहुत देर हो जाएगी। नशे के खिलाफ खड़ा होना ही असली सामाजिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने मातृशक्ति से भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस आंदोलन को नैतिक बल देने का आग्रह किया। उनका कहना है कि जब समाज की महिलाएँ आगे आती हैं तो परिवर्तन अवश्य होता है।
समिति ने व्यापारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और सभी जिम्मेदार नागरिकों से इस निर्णायक संघर्ष में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। आयोजकों का कहना है कि तटस्थता अब विकल्प नहीं है; समाज के पक्ष में खड़ा होना ही समय की मांग है। “नशामुक्त लालकुआँ विधानसभा हमारा सामूहिक संकल्प है और इसे जनसंकल्प में बदलना होगा,” समिति ने कहा।
धरना 26 फ़रवरी को तहसील परिसर, लालकुआँ में आयोजित होगा। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। क्षेत्र में इस घोषणा के बाद जनचर्चा तेज हो गई है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस जनभावना पर क्या कदम उठाता है और यह आंदोलन क्षेत्र में किस प्रकार का प्रभाव छोड़ता है।
नशामुक्त लालकुआँ के लिए कल होगा विशाल धरना–निर्णायक लड़ाई से जुड़ने का जनता से आह्वान
