जो लोग भूख और प्यास के डर से रोज़ा नहीं रखते उनको करबला के मज़लूमो से सबक हासिल करनी चाहिए। : डॉ शब्बीर आलम।

गया साजिद इक़बाल।

रोज़ा इंसान को मुत्तक़ी,परहेज़गार और इबादत गुज़ार बनाता है।इस महीने में अल्लाह ने अपने बन्दों को खास इनामात से नवाज़ा है । 30 दिनों में पहला असरा 10 दिन रहमत दूसरा मगफिरत और तीसरा यानि आखिरी असरा निजात का है। रमज़ान में रोज़ेदार के साथ अल्लाह की गैबी मदद होती है रोज़ेदार जैसे सच्चे दिल से नियत करता है वैसे ही उसके नफ़्स और ख्वाहिसात को मार दिया जाता है,फिर क्या भूख क्या प्यास रोज़ेदार को इनसब चीज़ों की ज़रूरत ही महसूस नहीं होती जो लोग भूख और प्यास के डर से रोज़ा नहीं रखते उनको करबला के मज़लूमो से सबक हासिल करनी चाहिए। जब जिंदान के अंधेरों में कई दिन और रात बीत जाने के बाद एक दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की लाड़ली बेटी जनाबे सकीना सलामुल्लाह अलैहा ने अपने भाई इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम के पास जाकर एक सवाल किया।जनाबे सकीना सलामुल्लाह अलैहा – भाई सज्जाद, आप इमामे वक़्त है और इमामे वक़्त हर इल्म से आरास्ता होता है मै आपसे एक सवाल करती हूँ कि आप मुझे बताएं “प्यास में कितनी मंज़िले होती हैं ?जनाबे सकीना का ये सवाल सुनकर जनाबे ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा तड़प गयीं। आगे बढ़कर सकीना को गोद में उठाया,प्यार किया और कहा मेरी बच्ची तू ऐसा क्यों पूछती है।इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम ने कहा – फूफी अम्मा सकीना ने ये सवाल अपने वक़्त के इमाम से किया है और मुझपर लाज़िम है की मै इस सवाल का जवाब दूँ।इमाम ने फ़रमाया- बहन सकीना, प्यास की कुल चार मंज़िलें होती है पहली मंज़िल वो होती है जब इंसान इतना प्यासा हो की उसे आँखों से धुँआ धुँआ सा दिखाई दे और ज़मीन और आसमान के बीच का कोई फ़र्क़ महसूस न हो।जनाबे सकीना- हाँ मैंने अपने भाई क़ासिम को बाबा से कहते सुना था ” चचा जान मै इतना प्यासा हूँ की मुझे ज़मीन से आसमान तक सिर्फ धुआं सा दिखाई देता है।इमाम ने फिर फ़रमाया- प्यास की दूसरी मंज़िल है जब किसी की जुबान सुखकर तालु से चिपक जाए।जनाबे सकीना- हाँ जब भाई अकबर ने अपनी सुखी ज़ुबान बाबा के दहन में रखकर बाहर निकाल ली थी और कहा था “बाबा आपकी ज़ुबान तो मेरी ज़ुबान से ज़्यादा खुश्क है तब शायद मेरा बाबा प्यास की दूसरी मंज़िल में था।इमाम ने फिर फ़रमाया- प्यास की तीसरी मंज़िल वो है जब किसी मछली को पानी से बाहर निकाल कर रेत पर डाल दिया जाता है और वो मछली कुछ देर तड़पने के बाद बिलकुल साकित सी हो कर अपना मुंह बार बार खोलती है और बंद करती है।जनाबे सकीना- हां जब मेरे बाबा ने भाई अली असग़र को कर्बला की जलती रेत पर लिटा दिया था तो असगर भी वैसे ही तड़पने के बाद साकित सा था और अपना मुँह खोलता था फिर बंद करता था शायद मेरा भाई उस वक़्त प्यास की तीसरी मंज़िल में था।इमाम ने फिर फ़रमाया- प्यास की चौथी और आखिरी मंज़िल वो है जब इंसान के जिस्म की नमी बिलकुल खत्म हो जाती है और उसका गोश्त हड्डियों को छोड़ देता है फिर इंसान की मौत हो जाती है।इतना सुन कर जनाबे सकीना ने अपने हाथों को इमाम के आगे किया और कहा- भाई सज्जाद मै शायद प्यास की आखिरी मंज़िल में हूँ। देखो मेरे जिस्म के गोश्त ने हड्डियों का साथ छोड़ दिया है और मै अनक़रीब अपने बाबा के पास जाने वाली हूँ।सकीना के ये अलफ़ाज़ सुनकर कैदखाने में एक कुहराम बपा हो गया।अब हम अंदाजा लगा सकते है हम रोजे मैं प्यास की पहली मंजिल तक भी नही पहुँचते अफसोस फ़िर भी कई लोग भूख और प्यास के डर कर रोज़ा नहीं रखते।ये सब बाते करबला के डॉ सयैद शब्बीर आलम ने बताई।

गरीबों और यतीमो के साथ हमदर्दी का महीना है रमजान

मो एकबाल अहमद गोरौल वैशाली

माह -ए-रमजान तमाम महीनों मे अफजल है ।इसकी वजह यह है कि इसी महीने में एक रात जिसे लैलतुल कदर कहते हौ में कुरानशरीफ का नुजूल हुआ हौ ।यह महीना अल्लाह तबायको तअला को इतना पसंद है कि इसके 1 दिन के सवाब बंदे को 70 गुना बढ़ा दिया जाता है । रमजान के मुबारक महीने में तिलावत तमाम दिनों की तिलावत उसे बेहतर है खुदा अपने बंदे को इबादत का सवाब सत्तर गुना बढा कर देता हौ । रमजान में हर रोज गुनहगारों को दोजक से आजाद किया जाता है। इस महीने में जन्नत उल फिरदोस के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। अल्लाह अपने बंदे पर इस पाक महीने में बेइतहा रहमते बरसाता है ।अभी रमजान उल मुबारक के महीने का पहला अशर चल रहा है इस अशर मे रहमते कि बारिश होती है ।हर किसी को चाहिए कि वह पाबदी के साथ रोजा नमाज और कुरानशरीफ की तिलावत करो। खुदा की रहमत से मालामाल हो जाए खुदा के नबी मोहम्मद सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम रमजानुल उल मुबारक को गरीबी यतिम के साथ हमददी का महीना कहां है। रसूल सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने फरमाया कि किसी के पास पहनने के लिए कपड़े नहीं है तो उसका भी बंदोबस्त करो । बढ़-चढ़कर गरीबों का मदद करो जकात की असल रूह यही हौ कि समाज में गरीब को भी बेहतर तरीके से जीने का हक मिले । रमजान के महीने में रोजेदार को इफ्तार कराने का सवाब बेइंतहा है ।खुदा सबको सवाब कमाने का मुस्तहिक बनाए

गरीबों को मिलने वाला सरकारी राशन नहीं बांटा गया

सरोसी उन्नाव।गरीबों को मिलने वाला सरकारी राशन मई माह का नहीं बांटा गया जिस तरह पूर्व सरकार में लोगों को नहीं मिल रहा था उसी तरह योगी सरकार में भी गरीबों को राशन नहीं दिया जा रहा है जनपद के आलाधिकारी खुलेआम मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है इसी तरह पूर्व सरकार की तरह अधिकारियों व राशन माफियाओं तथा कोटेदार की मिलीभगत से प्रति महीना हजारों रुपये का राशन बिक्री करके बंदर-बांट किया जा रहा है जिससे आने वाले लोक सभा चुनाव में भारती जनता पार्ट्री क्या गुल खिलाएगी यह आने वाला समय ही बताएगा तहसील दिवस में राशन कार्ड धारकों को राशन न मिलने व राशन मूल्य से अधिक मिलने के कारण ग्रामीणों ने लिखित शिकायत भी करते हैं।परन्तु अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंधित उच्चाधिकारियों द्वारा जांच करवाकर कार्यवाही होनी चाहिए। तहसील हसनगंज विकास खंड मियांगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनापुर कला की सरकारी राशन की दुकान उमा देवी के नाम से है जिसकी दुकान संख्या-100100200059 है पात्र गृहस्थी कार्डों की संख्या – 248 व अंत्योदय 70 कार्ड धारकों में 2450 किलो ग्राम राशन है 931 यूनिट के हिसाब से 4655 किलो ग्राम हुआ कुल राशन में चावल व गेहूं 7120 किलो ग्राम सरकार द्वारा दिया जाता है जिससे गरीबों के परिवार का पालन पोषण हो सके।ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार तीन महीनों से राशन नहीं वितरित किया गया है जबकि केवल मई माह कुल सरकारी राशन 7105 किलोग्राम आता है कोटेदार व राशन माफिया तथा सप्लाई इंस्पेक्टर की मिलीभगत द्वारा बिक्री कर लिया गया जब पात्र ग्रामीण राशन लेने जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जाता है और कहते है कि राशन नहीं बचा है यदि ग्रामीण राशन धारक शिकायत की बात कहते है तो कोटेदार की तरफ से जवाब मिलता है आप लोग हमारा कुछ नहीं कर पाओगे क्योंकि हम हर महीना सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर व नेताओं को देते है जहां शिकायत करनी है करो जाकर हमारा कुछ नहीं कर पाओगे ग्रामीणों ने कहा कि जब हम लोगों ने सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर से बात की तो उन्होंने कहा कि हम नहीं लेते है हमें ऊपर अधिकारियों को समझना पड़ता है ग्रामीणों ने कहा जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।गांव में गरीब कार्ड धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है यदि दिया जाता है तो एक महीने का राशन नहीं वितरण किया जाता है दूसरे महीने में वितरण किया जाता है गांवों में अंत्योदय राशन कार्ड पर गेहूं व चावल 35 किलो निर्धारित है लेकिन 30 किलो वितरण किया जाता है जिसमें भी घटतौली बङे पैमाने पर की जा रही है सरकार द्वारा सरकारी राशन का दाम निश्चित किया गया उसके बाद भी गेहूं व चावल 6 रूपये में दिया जा रहा है केरोसिन का तेल अंत्योदय कार्ड पर 4 लीटर निर्धारित है और पात्र गृहस्थी में पात्रों को यूनिट के हिसाब से न देकर अपने नियम के आधार पर जिसको जितना चाहा उतना दे दिया लेकिन किसी को एक लीटर व दो लीटर से ज्यादा नहीं दिया जाता है वह भी घटतौली में कम दिया जाता है और 22 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से वितरण किया जा रहा है इस प्रकार कोटेदार बहुत बड़ी धांधली कर रहा है इस प्रकार ग्राम पंचायत की जनता बहुत परेशान हैं।कोटेदार से कुछ कहने पर वह दबंगई से पेश आता है और कहता है कि अगर कुछ बचायेंगे नहीं तो ऊपर के अधिकारियों व नेताओं को क्या खिलायेंगे सरकार को भी अपनी धांधली में बदनाम कर रहा है तथा अधिकारियों पर भी छींटाकशी कर रहा है इस प्रकार प्रार्थीगण कोटेदार की कार्यशैली व धांधली से क्षुब्ध होकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है जिलाधिकारी महोदया जी से जांच एवं आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु मांग की है ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब कोटेदार के पास राशन लेने जाते है तो पीङितों को राशन कम दिया जाता है जिसका विरोध करने पर राशन भी नहीं देते है और दुकान से भगा देते हैं कि तुम हमारा कुछ नहीं कर पाओगे क्योंकि हम हर महीने में सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर व नेताओं को देते है ग्रामीणों के इस संबंध में अपनी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इकट्ठा हुए ओर अधिकारियों से जांच कराकर कोटेदार पनापुर कला की धांधली के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करके कोटा निरस्त किया जाये और उसके बाद कोटे की नई दुकान का चयन किया जाये।

तटबन्धों की सुरक्षा हेतु विशेष चौकसी बरती जाए–जिला पदधिकारी

प0 चंपारण बेतिया सतेंद्र पाठक

बेतिया। पश्चिम चंपारण बेतिया समाहरणालय में जिला पदाधिकारी लौकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तटबंधों की सुरक्षा हेतु एक बैठक का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी पश्चिम चंपारण लौकेश कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम चंपारण बाढ़ प्रभावित जिला है। यहां बरसात के समय में विभिन्न नदियों में बाढ़ आने की आशंका बनी रहती है। जिसके चलते तटबंधों के टूटने का खतरा रहता है। इसलिए पश्चिम चंपारण जिला में अवस्थित सभी तटबंधों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पश्चिम चंपारण जिला के दो तटबंधों जिसमें चंपारण तटबंध एवं पिपरा-पिपरासी तटबंध शामिल है। का विस्तार क्षेत्र बढ़ा है। इसलिए दोनों तटबंध के पूरे विस्तार में सतत निगरानी रखी जाए। संपूर्ण तटबंध क्षेत्र की भौतिक निरीक्षण कर आपदा शाखा को प्रतिवेदित किया जाए। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, जल संसाधन प्रमंडल, जल निस्सरण प्रमंडल, नहर मंडल आदि के सभी कार्यपालक अभियंताओं को आगामी बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। कटा क्षेत्रों एवं तटबंधों के संयुक्त निरीक्षण हेतु प्रशासी एव अभियंत्रण पदाधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को संयुक्त रुप से सभी तटबंधों की भौतिक निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। उन्होंने आगे कहा कि  पूर्व में क्रय किए गए सरकारी नावो की जांच कर ली जाए। इसके साथ ही जिला में उपलब्ध निजी नाव एवं नाविकों का भी निबंधन करा ली जाए। पॉलिथीन सीट की आवश्यकता अनुसार क्रय करने की कार्रवाई की जाए। राज्य खाद्य निगम से समन्वय करके खदानों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी को आकस्मिक फसल योजना तैयार कर लेना, जिला पशुपालन पदाधिकारी को पर्याप्त मात्रा में पशु की दवा/पशु चारा क्रय करने हेतु करवाई करने, सिविल सर्जन को  मानव दवा की उपलब्धता एवं मोबाइल मेडिकल टीम का गठन करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ पूर्व एहतियाती कदम उठाने की अत्यंत आवश्यकता है । बाढ़ की गतिविधियों पर नजर रखने हेतु जिला में बाढ़ नियंत्रण कक्ष कि स्थापना किया जाएगा एवं आपातकालीन संचालन केंद्र को पुनः क्रियान्वित करने को कहा गया है। बाढ़ पूर्व तैयारी की नियमित समीक्षा करेंगे। बाढ़ से प्रभावित होने वाले अचलों के अंचलाधिकारियों यह अनुमंडल पदाधिकारियों को बाढ़ से बचाव हेतु सारी ऐहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है ।सभी संबंधित कार्यपालक और अभियंताओं को अपने अपने कार्य क्षेत्र में निरंतर गतिशील रहकर बाढ़ नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों पर निगरानी रखने एवं आपदा कोषांग को ससमय प्रतिवेदन देने हेतु सख्त हिदायत दिया गया है। इस बैठक में अपर समाहर्ता, निदेशक, डीआरडीए, डीपीआरओ, जिला आपदा पदाधिकारी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे हैं।

कलश यात्रा के साथ ग्यारह दिवसीय सूर्यनारायण महायज्ञ का शुभारंभ

मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर प्रखंड के शामपुर दुर्गा स्थान मंदिर के प्रांगण में सोमवार को कलश यात्रा के साथ ग्यारह दिवसीय सूर्यनारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख अनीता यादव ने फीता काटकर किया. उद्घाटन से पूर्व अयोध्या से आए संयासी ओम प्रकाश शास्त्री के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने सुल्तानगंज गंगा में स्नान कर जल भरकर पैदल यात्रा कर यज्ञ स्थल पर पहुंचे. कलश यात्रा में कोमल, आरती, सोनम, मनीषा, मीना देवी, सोनी देवी, संगीता देवी, राधा देवी, बंदना देवी, निशा देवी एवं अन्य सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया. इस अवसर पर शामपुर थाना अध्यक्ष नीरज कुमार, कृष्ण मुरारी, पंचायत समिति सदस्य संगीता देवी, राकेश यादव, मगन देव मंडल, यज्ञ समिति के अध्यक्ष त्रिभुवन प्रसाद सिंह, सचिव सुरेश प्रसाद मंडल, किशोरी यादव, नरेंद्र सिंह, भगवान सिंह, मुकेश पासवान, मनोरंजन पासवान, भोला तांती, सुरेंद्र पासवान, नवीन सिंह, आदि यज्ञ स्थल पर आकर्षण के लिए 101 देवी देवताओं का प्रतिमा स्थापित की गई, टावर झूला, मौत का कुआं, ड्रगन नाव, मीना बाजार सहित प्रवचन एवं रासलीला का आयोजन किया गया.

टेंपो पलटने से 15 वर्षीय बच्चे की मौत ।

प0 चंपारण बेतिया सतेंद्र पाठक

बेतिया। पश्चिमी चंपारण, बेतिया मुफ्फसिल थाना अंतर्गत बेतिया मोतिहारी मुख्य मार्ग एनएच 28 पर राजा लाइन होटल के पास टेंपो पलटने से उसमें सवार 15 वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी। घटना  11:00 से 12:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। मृतक पूर्वी चंपारण के सुगौली थाना अंतर्गत ग्राम श्रीपुर का रहने वाला था। वह अपने गांव से सिकटा बाजार अपने रिश्तेदार के यहां जाने के क्रम में राजा लाइन होटल के पास बस से साइड लेने के चक्कर में टेंपो पलटने से बच्चे की मौत हो गई। मृतक का नाम मुजीबुर्रहमान पिता जाकिर हुसैन बताया जा रहा है। मुख्य सड़क का ऊँचीकरण तथा चौड़ीकरण तो हो गया किन्तु एजिंग में मिट्टी अथवा ईंट सोलिंग नही होने के कारण अक्सर दुर्घटना होती रहेगी।