असम के प्रथम शब्दकोश लेखक पंडित टेंगाई मोहन का प्रतिमा खोवांग बरपथार देवधाई गांव में स्थापित ।

राजु मिश्रा  

समाचार संगम,मोरानहाट, ५फरवरी :- असम के प्रथम शब्दकोश लेखक ( प्रथम अभिधानी ) तथा असम से इंग्लैंड जानेवाले प्रथम असमिया पंडित टेंगांई मोहन की प्रतिमा आज खोवांग बरपथार देवधाई गांव स्थित उनके समाधी क्षेत्र ( मैदाम ) में स्थापित किया गया । उनकी परनाती मोरान उषापुर निवासी भेटर्न खिलाड़ी अंजली चेतीया के दान से तैयार प्रतिमा का गायन बायन के साथ लेजाकर उनके मैदाम के पास स्थापित किया गया । टेंगाई मोहन मैदाम संरक्षण समिति के सौजन्य से आयोजित प्रतिमा स्थापित समारोह में उनके गांव के स्थानीय और गणमान्य लोगों के साथ समाजसेवी तथा टाई भाषा विशेषज्ञ ज्ञानानंद फूकन की उपस्थिति में टाई परमपरा के अनुसार पुजा किया गया । अंजली चेतीया तथा जोरहाट महाविद्यालय के अध्यक्ष देवब्रत शर्मा के प्रयासों से तीन सौ वर्षों बाद मोहन का मैदाम की खोज हाल ही में की गई थी । संरक्षण समिति के अध्यक्ष फनीधर बरगोहांई ने बताया कि राज्य के प्रथम अभिधानी मोहन को जो मर्यादा सरकार और पुरातत्व विभाग से मिलना चाहिए वह आजतक नहीं मिला जो दुख की बात है । आज स्थापित प्रतिमा का अनावरण आगामी 11 फरवरी को देवब्रत शर्मा करेंगे जिसमें आयोजकों ने लोगों की उपस्थिति का आहवान किया है ।