●गोलाघात में जंगली हाथियों का आतंक● ◆फसलो को किया बर्बाद◆

  • समाचार संगम,गोलाघाट, मालोबीका बोरा,29 नवम्बर:- गोलाघाट के अभयजान अंचल में बुधवार की सुबह ही जंगली हाथियों का तांडव।आज सुबह प्रायः 50 से भी अधिक जंगली हाथियों के झुण्ड ने स्थानीय लोगों के खेतों में खड़ी फसल को तहस नहस कर डाला।वही उल्टाजान में मध्यरात्रि के समय स्थानीय लोगों के घरों को भी तोड़ डाला।इस दौरान लोगों ने हाथियों के इस आक्रमण से बचने के लिए यहां से भाग कर अपनी जान बचाई।उल्लेखनीय है कि नामवर दैग्रँ वन्यप्राणी जंगल से भोजन की तलाश में निकले इन हाथियों के झुण्ड ने धारावाहिक रूप से इन अंचलो में उपद्रव मचा रखा है।जिसे वन विभाग के कर्मी रोकने में पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया है स्थानीय लोगों ने।

➡कार्बी आंगलोंग जिले में बेदखलकारीयो की शामत➡ वन बिभाग की जमीन पर चलाया गया उच्छेद अभियान◆

असम नागालैंड बॉर्डर पर वन बिभाग की जमीन पर विगत कई सालों से लगातार चल रहा है अतिक्रमण।वन बिभाग के जमीन पर अवैध बेदखलकारियों के बिरुद्ध प्रशासन ने चलाया जे सी बी।

गनेश पासवान ,समाचार संगम,27 नवंबर :- कार्बी आंगलोंग स्वायत शासित परिषद् के वन विभाग के अधिन वाले अंचलों में अवैध रूप से जमीन कब्ज़ा कर घर निर्माण कई सालों से चल रहा था लेकिन वन विभाग द्वारा बार–बार चेतावनी देने के बावजूद इन बेदखलकारियों के कानो में जूं तक नहीं रेंगी और इधर गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा इस दिशा में सरकार को कड़े कदम उठाने के निर्देश के बाद सरकार एवं प्रशासन ने असम के कई जगह चलाया उच्छेद अभियान।
आज कार्बी आंगलोंग जिले के पूर्वी वन सङ्गमंडल में पुलिस,प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा चलाया गया उच्छेद अभियान। इस दौरान 250 वनकर्मी, 618 पुलिस जवान एवं 200 CRPF जवानों की मदद ली गयी जिससे सम्पूर्ण अंचल रणभूमि में तब्दील हो गया. सुबह के तक़रीबन 8 बजे से आरम्भ हुए इस उच्छेद अभियान में बोकाजान महकमे के अधीन हाटोका अंचल के 35 घर,हाजोंग्पुर गाँव के 83 घर एवं क्राम्सा गाँव के 43 घरो को ध्वस्त कर दिया गया और तकरीबन 650 से भी अधिक लोगो को बेदखल किया गया।
इस पुरे कारवाई के दौरान कार्बी आंगलोंग जिले के पुलिस अधीक्षक सिव प्रशाद गंजाला, उपायुक्त आदिल खान,बोकाजान के SDPO पुष्पा राज सिंह,जिला वन अधिकारी एवं समीपवर्ती सभी थाने के थाना प्रभारी मौजूद थे ।गौरतलब है कि वन विभाग के तक़रीबन 4.4 वर्ग किलोमीटर अंचल को अवैध रूप से कब्ज़ा कर रखा था इन लोगो ने जिसमे से प्राय;3.35 वर्ग किलोमीटर तक के अंचल को आज चले अभियान में बेदखल मुक्त कर दिया गया और बाकी बचे जगह पर भी जल्द ही कारवाई की बात कही गयी

●स्वर्ण जीतने वाली बेटी की सफलता पर झुमा देश ●असम में खुशी की लहर के साथ ढेकीयजुली मे दीवाली सा माहौल●

समाचार संगम,जिला संवादाता ,ढेकियाजुलि 27 :-विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप मे स्वर्ण पदक विजेता ढेकियाजुलि विधान सभा के अधीन मेघाईजारनी गाँव की अँकुसिता बोडो के घर आज उत्सव जैसा माहौल रहा । स्थानीय विधायक अशोक सिंघल अँकुसिता के घर उपस्थित हो कर उनके पिता राकेश बोडो और माता रंजीता बोडो कॊ शुभकामनाये देते हुए मुख मीठा किया । अँकुसिता के गाँव मे उत्सव जैसा माहौल दिख रहा था गाँव के लोग  अँकुसिता के घर मे अँचल के बोडो समुदाय के पुरुष महिला नाच गा रहे थे । विधायक ने अँकुसिता कॊ एक लाख रुपया देने की घोषणा की, वही अँकुसिता की माता रंजीता बोडो ने पत्रकारो  कॊ बताया कि अकुसीता की जीत ने केवल असम का ही  नही बल्कि ढेकियाजुलि के साथ साथ भारत का मान बढ़ाया है अँकुसिता के माता ने विधायक से अनुरोध किया है कि अँकुसिता कॊ आने वाले दिनो मे खेल के प्रति उत्साह और सहयोग करे । मालूम हो कि अँकुसिता के पिताजी एक भेन्चर स्कूल के शिक्षक है और माता सामाज सेविका है । अँकुसिता के सफलता की जानकारी मिलते ही ढेकियाजुलि अँचल मे रात कॊ दिवाली जैसा माहौल देखने कॊ मिला सारे लोग पटाखे फोड़ रहे थे , अँकुसिता के सफलता कॊ आल असम छात्रसँस्था , असम जातीयतावदी युवा छात्र परिषद , निखिल बोडो छात्र सँस्था , अखिल असम भोजपुरी छात्रपरिषद , अखिल हिदी भाषी युवा परिषद के पदाधिकारीगण और सदस्यो ने अँकुसिता कॊ शुभकामनाये देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है ।

◆लालू के नाम पर ‘भभके’ सुशील मांझी के नाम पर पड़े ‘मंद’◆

समाचार संगम नेशनल डेस्क,27 नवंबर :-बिहार विधान मंडल का शीतकालीन आज से शुरू हो गया। शुक्रवार तक चलने वाले सत्र के पहले दिन दिवंगत आत्‍माओं की श्रद्धांजलि के साथ कार्यवाही कल तक के लिए स्‍थगित कर दी गयी। दोनों सदनों की कार्यवाही समाप्‍त होने के बाद परिसर में पत्रकारों से घिरे नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने एक ‘चिनगारी’ उछाल दी। इसे लपकने की होड़ पत्रकारों में लग गयी। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लालू यादव की वीवीआईपी सुरक्षा वापस ले ली है। उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके जिम्‍मेवार केंद्र और राज्‍य सरकार होगी।इस चिनगारी को उछालते हुए पत्रकार उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी के कमरे में पहुंचे और चिनगारी उनके सामने फेंक दी। इस चिनगारी से 53 विधायक वाला इंजन भभक गया और लपटें लहराने लगीं। सुशील मोदी ने कहा कि लालू यादव को किससे डर है। उनसे तो पूरा देश डरता है। नेताओं की सुरक्षा को लेकर मोदी ने कहा कि सुरक्षा व्‍यवस्‍था और श्रेणी नेताओं के लिए एस्टेटस सिंबल बन गया है। इसके साथ लालू यादव को लेकर कई अन्‍य आरोप भी मढ़े। इसी क्रम में पत्रकारों ने पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी के बयान पर भी सवाल पूछ डाले। मांझी ने भी अपनी सुरक्षा श्रेणी कम किये को लेकर सवाल खड़ा किया था। मांझी के बयान पर सुशील का पारा अचानक नीचे आ गया और वे मंद पड़ गये। उन्‍होंने कहा कि नेताओं की सुरक्षा की श्रेणी केंद्र सरकार तय करती है। वही इसका मानदंड तय करती है।इससे पहले हम 71 विधायक वाले बड़े इंजन के पास पहुंचे थे। हालांकि ‘बड़का दरबार’ में हम देर से पहुंचे। काफी बातें निकल चुकी थीं और मुख्‍यमंत्री विधान सभा से जाने की तैयारी में थे। उन्‍होंने कहा कि राजगीर भी जाना है। इसके साथ दरबार ‘वाइंड अप’ हो गया। हमने अपनी पत्रिका ‘वीरेंद्र यादव न्‍यूज’ की कॉपी मुख्‍यमंत्री के हाथों में दी। पत्रिका को अपने आप्‍त सचिव को देकर वे अपने कक्ष से बाहर निकल गये।हम करीब 11 बजे विधान मंडल परिसर में पहुंचे थे। रास्‍ते में घंटी सुनायी दी। हम तेजी से भागते हुए विधानसभा के प्रेस दीर्घा में पहुंचे। मुख्‍यमंत्री, उपमुख्‍यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के साथ बड़ी संख्‍या में सदस्‍य भी सदन में मौजूद थे। करीब 20 मिनट की कार्यवाही के बाद सदन कल तक के लिए स्‍थगित कर दी गयी।

◆ एन. आर. सी. अंतिम सूची निकलने में देरी से गुस्साए संगठन ◆ ➡ विभिन्न जगहों पर विरोध प्रदर्शन ◆

मालोबिका बोरा
समाचार संगम,जिला संवादाता,गोलाघाट27 नवंबर :- सोमवार को कृषक मुक्ति संग्राम समिति व चाय श्रमिक मुक्ति संग्राम समिति ने राज्य की भाजपा सरकार पर विभिन्न कारणों का बहाना बनाते हुए एनआरसी की सूची प्रस्तुत करने के तारिख में बदलाव करने पर विरोध करते हुए फरकाटिंग में विशाल प्रदर्शन किया। उक्त संगठनों ने भाजपा सरकार पर अवैध बांगलादेशी लोगों को बहिष्कार के नाम पर बर्बरता किये जाने का आरोप भी लगाते हुए कहा कि यदि शिघ्र ही सरकार इसे नही रोकती है तो भविष्य में और भी तेज लोकतांत्रिक आंदोलन छेड़ने पर बाध्य होंगे।उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा आमसांग के अलावा राज्य के अन्य कई स्थानों में अवैध रूप से कब्जा किये गए अंचलों को मुक्त कराया जा रहा है।

◆ बाढ़ का पानी सुख गया लेकिन अभी तक लोगों को नही मिला मुआवजा ◆

समाचार संगम, स्टाफ रिपोर्टर 27 नवम्बर:- बाढ़ की त्रासदी के बाद भी जिन्दगी अभी भी ज्यो की त्यों बनी है। सरकार द्वारा मुआवजे का ऐलान तो हो गया लेकिन आज भी मुआवजे से महरूम जनता। औए ऐसा ही एक अंचल है गोलाघाट जिले  के रंगाजान अन्तर्गत 4 नंबर कुरुका गाँव। यहाँ  बाढ़ के कारण सब कुछ खोना पडा अंचल वासियों को। बाढ़ के कारण यह कि सड़के पोखर सदृश हो चुकी है।बाढ़ के कारण कई  दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जा सके।अभी बाढ़ का पानी तो सुख गया हैं लेकिन इन लोगो को आज तक नही मिला कुछ भी मुआवजा। चुनाव के वक्त मंत्री, विधायक एवं राजनीतिक नेताओ से भरे रहने वाले अंचल में जनता की आर्तनाद सुनने  वाला कोई नही।

स्थानिय लोगो ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ से बेहाल हुए जनता की आवाज तथा फरियाद सुनने के लिए स्थानीय विधायिका रोज़लिन तिर्की एक बार भी इस अंचल में उपस्थित नही हुई यही कारण है कि जनता को अब बस भाजपा  शाषित राज्य सरकार पर ही भरोसा रह गया है।

 

◆रचनात्मक नोनिया संयुक्त संघ ने असहाय व जरूरतमंदो के बीच नवाइबिल में कंबल वितरण किया ◆

कृष्णा कुमार वर्मा,पछिम कार्बी आंगलांग
समाचार संगम,24 नवंबर :- : रचनात्मक नोनिया सयुंक्त संघ(RNSS)  नामक सामाजिक संगठन  के द्वारा आज दिन के 2 बजे  को पश्चिम कार्बी आंगलांग जिले  के नवाइबिल हाई स्कूल के प्रांगण में   असहाय व जरूरतमंदों के बीच मुफ्त में कंबल वितरण किया गया । कार्यक्रम रचनात्मक नोनिया संयुक्त संघ   की ओर से आयोजित किया गया था।
 रचनात्मक नोनिया संयुक्त संघ नार्थ ईस्ट   के अध्यक्ष  भरत चौहान  ने बताया कि जिले के 6 गांव क्रमशः नवाइबिल नं 1 ,नवाइबिल नं 2,नवाइबिल नं 3,नवाइबिल नं 4,नवाइबिल नं 5  और लमछाखंग   गांव के  कुल 100 लोगो को  कंबल का वितरण किया गया है। और  संस्था का उद्देश्य है गरीब एवं असहाय लोगो की सेवा करना और इसी कड़ी में   गरीब व असहायों को कंबल मुहैया  कराया गया ताकि उन्हें ठंड के कारण मुसीबत का सामना नहीं करना पड़े। मौके पे  रचनात्मक नोनिया  संयुक्त संघ नार्थ ईस्ट के महासचिव दीपक चौहान और साथ ही रचनात्मक नोनिया संयुक्त संघ पश्चिम कार्बी आंगलांग जिला समिति के अध्यक्ष धनपाल चौहान, सचिव डॉक्टर शिवजी चौहान ,सदस्य राजकुमार चौहान,त्रिपुरारी चौहान के अलावा कार्बी आंगलांग हिन्दी भाषी छात्र संस्था के अध्य्क्ष अशोक चौहान  आदि लोग मौजूद रहे ।

◆ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा न्यायपालिका में महिला, एससी/एसटी और ओबीसी जजों की कम संख्या पर चिंता जायज– जीतन राम मांझी◆

समाचार संगम नेशनल डेस्क,पटना 26 नवंबर:- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से0) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने देश के  महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा न्यायपालिका में महिला एससी/एसटी और ओबीसी जजों की कम संख्या पर उनकी चिंताको जायज ठहराते हुए उनका समर्थन किया है |श्री मांझी ने लोअर कोर्ट हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 17 हजार जज हैं इनमें महिलाएं सिर्फ 4700 हैं हालात सुधारने की दिशा में फौरन कदम उठाने की सलाह राष्ट्रपति महोदय द्वारा सराहनीय कदम है एससी एसटी कमीशन के मुताबिक 2018 में देश के 123 हाईकोर्ट में 850 जजों में सिर्फ 24 जज एससी/सटी थे | 14 हाईकोर्ट में एक भी एससी/एसटी जज नहीं था | सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में उत्तराखंड के जिला जज कांता प्रसाद की कोर्ट में आरक्षण की अर्जी खारिज की थी | कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट समानता के सिद्धांत पर काम करते हैं |श्री मांझी ने कहा कि इन सभी विषयों पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी का चिंता जायज है हम उनके इन बातों का समर्थन करते हैं | इन विषयों पर विशेष पहल होनी चाहिए |(प्रेस विज्ञप्ति)

◆तुलीराम रंगहांग ने रखी सड़क की आधारशिला ◆पहाड़ी जिले में बेहतरीन सड़क का जाल बिछाने की कही बात◆

समाचारसंगम, स्टाफ रिपोर्टर,26 नवम्बर:- कार्बी आंगलोंग जिले में भाजपा केनेतृत्व में सरकार गठन के बाद से ही विकाश के लिए हर तरफ की जा रही है कोशिश. इसी कड़ी में आज कार्बी आंगलोंग स्वायतसाशित परिषद् के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलीराम रंगहांग द्वारा नमाटी परिषदीय समष्टि के अंतर्गत भालुक्जान से लेकर पारोखुवा तक निर्माण होने वाले १७५० मीटर लम्बी सड़क निर्माण की रखी आधारशिला. ९० लाख रूपये खर्च कर बनाये जा रहे इस सड़क की आधारशिला स्थापन के मौके पर उपश्थित थे कार्यकारी सदस्य अमरसिंग तिस्सो, स्थानीय पारिषद रितेश इन्घी,गाँव विकाश समिति के अध्यक्ष ज्योति तेरन एवं अन्य गणमान्य ब्यक्ति. इस दौरान अपने भाषण प्रसंग में मुख्य कार्यकारी सदस्य ने कहा की जिस तरह खाद्ध एवं पानी हमारी जरुरत है ठीक उसी तरह अच्छी सड़क का भी होना अनिवार्य है.इसी कारण सरकार द्वारा सडक निर्माण के लिए १०० करोड की निविदा जारी की जा चुकी है. और बेहतरीन सड़क बनाने का काम इस सरकार द्वारा पुरे अग्राधिकार के साथ किया जाएगा. इसी दौरान देनगाँव क्रीडा संस्था द्वारा मुख्य कार्यकारी सदस्य को एक स्मारक पात्र भी सौपा गया जिसमे संस्था देनगाँव खेलमैदान की बेहतरी, गेलरी तथा मार्किट शेड का निर्माण इत्यादि थे जिसपर मुख्य कार्यकारी सदस्य ने आश्वाशन प्रदान किया. इधर कार्बी अंगलोंग जिले को स्वायतसाशित राज्य के मर्यादा प्रदान के लिए असम के मुख्य मंत्री एवं देश के प्रधान मंत्री से मुलाक़ात करने की बात भी कही. उन्होंने बताया की आगामी ३० नवम्बर को वे मुख्य मंत्री से मिलकर इस बारे में बात कर इस सिलसिले का आगाज करेंगे.

◆असमिया जनजीवन के प्राण स्थल बटद्रवा में पानी की भारी किल्लत ◆●श्रद्धालु एवं पर्यटक परेशान●

 समाचार संगम,मोरीगाँव 26 नवम्बर:-  एक शरण वैष्णव धर्म के प्रवर्तक श्रीमंत शंकरदेव की जन्मभूमि बटद्रवा सत्र के साथ ही आस-पास के इलाकों में पिछले कई दिनों से पेयजल की भारी किल्लत हो गई है। इलाके के लोग पेयजल के लिए बेहद परेशान हैं। वहीं प्रसिद्ध भटद्रवा सत्र में बाहर से आने वाले दर्शनार्थी भी पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं।

ज्ञात हो कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के कर्मचारी 100 घंटे का आंदोलन आरंभ किया है। जिसके चलते सत्र व आसपास के इलाकों में पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गत 48 घंटे से सत्र व अन्य इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। जिसके चलते लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

ऐतिहासिक श्रीमंत शंकरदेव सत्र में प्रतिदिन आने वाले भारी संख्या में श्रद्धालु पेयजल की कमी से त्रस्त हैं। हालांकि सत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सत्र प्रबंधन की ओर से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की व्यवस्था की गई है जो नाकाफी साबित हो रही है।

उल्लेखनीय है कि गत बुधवार से राज्यव्यापी पीएचई कर्मचारी 100 घंटे का आंदोलन आरंभ कर चुके है। आंदोलनकारियों की मांगों में मुख्य रूप से पीएचई विभाग में खाली पड़े पदों को भरने, वरिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति देने, सरकारी नियमों के तहत पदों का नियमितीकरण और अस्थाई कर्मचारियों को माहवार वेतन समेत कुल 13 सूत्रीय मांग शामिल है। अखिल असम जनस्वास्थ्य कार्यकारी कर्मचारी संस्था ने सौ घंटे का आंदोलन आरंभ किया है जिसके चलते पीएचई विभाग का कामकाज पूरी तरह से बाधित हो गया है।

स्थानीय लोगों ने कहा है कि असमिया संस्कृति के प्राण स्थल बटद्रवा सत्र में पेयजल की कमी बेहद शर्मनाक बात है। इसे कर्मचारी हो या सरकार दोनों को त्वरित पहल करते हुए इसका समाधान करना चाहिए। ताकि यहां पर आने वाले देसी व विदेशी दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।