◆मोरान की दो किसोरियों की गीतों का एलबम “उमली-जामली” का युट्यूब पर विधिवत विमोचन◆

राजु मिश्रा

समाचार संगम, मोरानहाट ,२५ दिसंबर:- मोरान की दो किसोरि बहनों अंतरा लवीवा तथा जाहीन आव्रार की गीतों का एलबम “उमली-जामली” का युट्यूब पर आज विधिवत विमोचन किया गया । मोरान प्रजापति विवाह भवन में आयोजित विमोचन सभा में नगांव विश्वविद्यालय के अध्यापक डा. प्रदीप हाजारीका, अखिल असम कवि सम्मेलन की पुर्व अध्यक्षा जुलियाना बेगम, पत्रकार त्रैलोक्य चेतीया, सुभित कुमार क्षेत्री, कवि एवं चिकित्सक डा. लोहित कुमार बोरा, चिकित्सक डा. विरिंषि गोगोई, अध्यापक राजेंद्र प्रसाद बरठाकुर आदि ने उमली-जामली का विधिवत उदघाटन करने के पश्चात दोनों किसोरियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए वकतव्य रखा । किसोरियों के संगीत शिक्षक उमानंद दुवरा तथा मातापिता के प्रयासों से किसोरियों का यह प्रयास सफल हो सका है । इस अवसर पर मोरान क्षेत्र के गणमान्य लोग तथा संगीत प्रेमी लोग उपस्थित थे । सभा में गीतों को पर्दे पर प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखने और सुनने के बाद उपस्थित लोगों ने भुरि भुरि प्रशंसा की । सबिता बरठाकुर के संचालन में आयोजित विमोचन सभा के अंत में मोरान उषापुर निवासी तथा किसोरियों के पिता आब्दुल मालिक मां मुसफिका बेगम मालिक ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन किया । गीतों की पटकथा मुसफिका बेगम मालिक ने, सुर और संगीत दिया है तेजस्वी दुवरा ने, दिगंत बरदलै की संमिश्रण तथा समीर द्वारा भिडियो किया गया है । किसोरियों ने युट्यूब पर Umoli Jamoli खोज कर गीतों का आनंद लेने का दर्शकों से आग्रह किया है ।

 

 

 

◆खोवांग से वृद्ध लापता◆

 राजु मिश्रा

समाचार संगम, मोरानहाट ,२५ दिसंबर:- डिब्रूगढ़ जिले के खोवांग थानांतर्गत खोवांग घाट निवासी मोहम्मद ईशलाम अली (60) गत 24 दिसंबर से लापता है । परिवार ने हर संभव उनकी तलाश करने के बाद खोवांग थाने में उनकी गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया । मिली जानकारी अनुसार ईशलाम अली कल दिन के 1 बजे घर से बाजार के लिए निकले थे, वहीं उनका मोबाईल भी घर पर ही छुट गया था । परिवार ने उनके शंदर्भ में जानकारी देने हेतु 9957297505 तथा 70026528117 पर संपर्क करने का लोगों से आहवान किया है ।

◆मोरान आंचलिक व्यवसाई संस्था का वार्षिक अधिवेशन की तेयारी◆आज संस्था के सदस्यों ने किया मोरान नगर की सामुहिक सफाई ◆

राजु मिश्रा

समाचार संगम,मोरानहाट, २५ दिसंबर:- चराईदेव तथा डिब्रूगढ़ जिलों के मध्य स्थित मोरान नगर के व्यवसाईयों को एकजुट रखने तथा व्यवसाईयों की समस्यायों पर आवाज बुलंद करने के लिए गठित मोरान आंचलिक व्यवसाई संस्था अपने वार्षिक अधिवेशन की तैयारियों में जुटा है । इस कड़ी में संस्था के सदस्यों ने  सफाई को प्राथमिकता देते हुए आज मोरान नगर में सामुहिक साफाई अभियान की। संस्था ने इस अवसर पर नगरवासियों से नगर को साफ सुथरा रखने का भी आहवान किया । आपको बता दे की आगामी 27 दिसंबर को प्रातः 9 बजे संस्था के अध्यक्ष मयूर बरुवा द्वारा ध्वजारोहण तथा प्रभारी सचिव भाष्कर बरुवा द्वारा स्मृति तर्पण से वार्षिक अधिवेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा । वहीं 9.45 बजे आम सभा एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा । संस्था पदाधिकारियों ने इस समारोह को सफल बनाने के लिए सभी के सहयोग एवं उपस्थिति की कामना की है।

 

 

◆बानफेरा सेना छावनी में धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस उत्सव◆

शमशाद अहमद

समाचार संगम,सोनारी २५ दिसंबर:- चराईदेव जिला अंतर्गत सोनारी बानफेरा स्तिथ सेना छावनी ने आज बड़े ही धूमधाम से क्रिसमस उत्सव  का पालन किया जानकारी के अनुसार क्रिसमस  एक ऐसा उत्सव है जिसे शायद देश और विदेश के सभी लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। आज यह त्यौहार विदेशों में नहीं बल्कि भारत में भी समान जोश के साथ मनाया जाता है। भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति के साथ क्रिसमस का त्यौहार भी पूरी तरह घुल-मिल गया है। सदियों से यह त्यौहार लोगों को खुशियां बांटता और प्रेम और सौहार्द की मिसाल कायम करता रहा है। यह त्यौहार हमारे सामाजिक परिवेश का प्रतिबिंब भी है, जो विभिन्न वर्गों के बीच भाईचारे को मजबूती देता आया है। क्रिसमस का अर्थ मानव मुक्ति और समानता है। बाइबिल के अनुसार, ईश्वर ने अपने भक्त याशायाह के माध्यम से 800 ईसा पूर्व ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि इस दुनिया में एक राजकुमार जन्म लेगा और उसका नाम इमेनुएल रखा जाएगा। इमेनुएल का अर्थ है ‘ईश्वर हमारे साथ‘। याशायाह की भविष्यवाणी सच साबित हुई और यीशु मसीह का जन्म इसी प्रकार हुआ।बालक यीशु के जन्म की सबसे पहली खबर इस दुनिया के सबसे निर्धन वर्ग के लोगों को मिली थी। वे कड़ी मेहनत करने वाले गड़रिये थे। सर्दी की रात जब उन्हें यह खबर मिली तो वे खुले आसमान के निचे खतरों से बेखबर सोती हुई अपनी भेड़ों की रखवाली कर रहे थे। एक तारा चमका और स्वर्ग-दूतों के दल ने गड़रियों को खबर दी कि तुम्हारे बीच एक ऐसे बालक ने जन्म लिया है, जो तुम्हारा राजा होगा। पूरी दुनिया के गरीब यह खबर सुनकर जहां खुश हुए, वहीं गरीबों पर जुल्म करने वाला राजा हेरोदेस नाराज हो गया। उसने अपने राज्य में 2 वर्ष की उम्र तक के सभी बच्चों को कत्ल करने का आदेश जारी कर दिया, ताकि उसकी सत्ता को भविष्य में किसी ऐसे राजा से खतरा न रहे। अच्छाई को देखकर बुराई करने वाले इसी तरह दुखी और नाराज होते हैं। यही शैतानियत का प्रतीक है। ईसा मसीह इसी शैतानियत को खत्म करने के लिए आए थे।ईसा मसीह ने मानव के रूप में जन्म लेने के लिए किसी संपन्न व्यक्ति का घर नहीं चुना। उन्होंने एक गरीब व्यक्ति के घर की गोशाला में घास पर जन्म लिया। दरअसल, वे गरीब, भोले-भाले और शोषित व पीड़ित लोगों का उद्धार करने आये थे। इसीलिए उन्होंने जन्म से ही ऐसे लोगों के बीच अपना स्थान चुना। यह बहुत बड़ा संदेश था।30 वर्ष की आयु में ईसा मसीह ने सामाजिक अव्यवस्था के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने जनता को दीन-दुखियों और लाचारों की सहायता करने, प्रेमभाव से रहने, लालच न करने, ईश्वर और राज्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने, जरूरतमंद की जरूरत पूरी करने, आवश्यकता से ज्यादा धन संग्रह न करने का उपदेश दिया। आज ईसा मसीह के दिए हुए संदेशों की प्रासंगिकता बहुत ज्यादा है, क्योंकि भले ही सामाजिक बुराइयों ने अपना रूप बदल लिया हो, लेकिन वे आज भी समाज में विद्यमान हैं और गरीबों, लाचारों, शोषितों, पीड़ितों और दलितों को उनका शिकार होना पड़ता है।ईसा मसीह ने समाज को समानता का पाठ पढ़ाया था। उन्होंने बार-बार कहा कि वे ईश्वर के पुत्र हैं और भले ही इस दुनिया में क्रूरता, अन्याय और गैर-बराबरी जैसी अनेक बुराइयां हैं, पर ईश्वर के घर में सभी बराबर हैं। उन्होंने ऐसा ही समाज बनाने पर जोर दिया, जिसमें क्रूरता व अन्याय की जगह न हो और सभी प्रेम और समानता के साथ रहें। ऐसी ही एक कहानी बाइबिल में आती है, जो एक सामरी संप्रदाय की स्त्री की है। जब ईसा मसीह ने उससे पीने के लिए पानी मांगा तो स्त्री ने कहा कि तू यहूदी होकर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? दरअसल, यहूदी लोग सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते थे और उन्हें कमतर मानते थे। लेकिन ईसा ने उसके हाथ का पानी पिया। ईसा मसीह ने दलित, दमित और असहाय लोगों को आशा और जीवन का संदेश दिया। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव कल्याण में लगाया। यही वजह थी कि उन्हें क्रॉस पर मृत्युदंड भी दिया गया। लेकिन दूसरों के हित में काम करने वाले मृत्युदंड से कब भयभीत हुए हैं।क्रिसमस का फेस्टिवल कई चीजों के लिए बहुत खास होता है जैसे क्रिसमस ट्री, स्टार, गिफ्टस आदि। और हां, कई लोग मानते हैं क्रिसमस के दिन सांता क्लॉज बच्चों को उपहार देता है। सांता क्लॉज को याद करने का चलन 4वीं शताब्दी से आरंभ हुआ था और वे संत निकोलस थे जो तुर्किस्तान के मीरा नामक शहर के बिशप थे। सांता क्लाज़ लाल व सफेद ड्रेस पहने हुए, एक व्रद्ध मोटा पौराणिक चरित्र है, जो रेन्डियर पर स्वार होता है तथा समाराहों में, विशेष कर बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।क्रिसमस  उम्मीदों और खुशियों का त्यौहार है। ईसा मसीह का जीवन और उनके उपदेश आज भी इसलिए प्रासंगिक हैं, क्योंकि आज भी अमीरी-गरीबी, जातिवाद और सामाजिक विसंगतियां समाज में मौजूद हैं। आइए इस क्रिसमस हम सब मिलकर ईसा मसीह के सपने को साकार करें और अपने अंदर की बुराइयों को खत्म कर सबके साथ प्यार से रहे इंसान इंसान होता है अमीरी और गरीबी जातिवाद इंसान की इंसानियत खत्म नहीं कर सकती भगवान यीशु मसीह ने हम सबको प्यार की राह पर चलना सिखाया है आज क्रिसमस के मौके पर हम सबको यह प्रण लेना चाहिए और सबके साथ में खुशियां मिल बांट कर रहे।इस प्रकार की बातों को  बानफेरा सेना छावनी ने अंचल से आये अंचलवासीओ को  व बच्चों को बताई ।अंचलवासीओ ने इसे एक अच्छा पहल बताया।

◆७१ वर्ष बाद पहली बार विजली की रौशनी में क्रीसमस का आनंद लेंगे टिंगखांग सालमारी हाथीगढ़ के ग्रामीण◆

राजु मिश्रा 

मोरानहाट:-डिब्रूगढ़ जिले के टिंगखांग विधानसभा क्षेत्र के सालमारी हातीगढ़ गांव के लोगों के लिए क्रिशमश इस बार खुसियों की सौगात लेकर आया है क्योंकि देश के आजादी के 71 वर्ष बाद भी इस गांव में विजली नहीं पहुंची थी, मगर इस वर्ष क्रिशमश के पुर्व दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विदुतीकरण योजना के तहत उक्त गांव में विजली पहुंच गई । साठ क्रिशचियश परिवार के घरों वाले उक्त गांव में विजली पहुंचने से लोग काफी खुश है तथा क्रिशमश के लिए रंगबिरंगे लाईटों से गांव के गिरिजाघर तथा अपने घरों को सजाया है । शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, शुद्ध पीने के पानी आदि से वंचित ग्रामीण विजली पाकर काफी उत्साहित है तथा विजली से गांव के विकास की आसा व्यक्त की है ।

➡मोरान जातिय विद्यालय के 23 वें प्रतिष्ठा दिवस की तैयारी

राजु मिश्रा

समाचार संगम,मोरानहाट, 24 दिसंबर:-मोरान जातिय विद्यालय के 23 वें प्रतिष्ठा दिवस के आयोजन की तैयारियां की जा रही है । आगामी 26 दिसंबर को विद्यालय प्रेक्षागृह में प्रात: विद्यालय प्रधान शिक्षिका दिव्यज्योति गोगोई द्वारा ध्वजारोहण, स्मृति तर्पण, बंगाली प्राथमिक विद्यालय की पुर्व प्रधान शिक्षिका अंजली गोगोई द्वारा दीप प्रज्ज्वलन, वृक्षारोपण से समारोह का शुभारंभ होगा । 10 बजे से उपरी असम स्तरीय पुरस्कार युक्त क्विज स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा जिसमें विद्यालय से स्नातक स्तर के छात्र भाग ले सकेंगे । 12.30 बजे आयोजित आम सभा के पश्चात छात्रों द्वारा आकर्षक कार्यक्रम पेश किया जाएगा ।

◆ चाय मजदूर संघ का धरना सम्पन्न ◆स्मारकपत्र प्रदान◆

 निगम की सुरक्षा हेतु आन्दोलन की हुंकार 

राजु मिश्रा

समाचार संगम,मोरानहाट, 24 दिसंबर:-असम चाय मजदूर संघ के केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष श्रमिक नेता पवन सिंह घटवार के नेतृत्व में मोरान, सोनारी, जोरहाट, नगांव, तीताबर, गोलाघाट तथा हेलम शाखा संघ अंतर्गत असम चाय निगम लिमिटेड के पन्द्रह चाय बागानों के लगभग दो हजार श्रमिक प्रतिनिधियों के उपस्थिति में 21 दिसंबर को निगम के जोरहाट चिनामारा स्थित शदर कार्यालय के समक्ष तीन घंटों का धरना देने के पश्चात निगम के परिचालन संचालक, मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री, श्रम मंत्री को निगम के ज्येष्ठ परिचालक तपन खाड़घड़िया के द्वारा एक स्मारकपत्र प्रेषित किया । खाड़घड़िया ने स्मारकपत्र लेकर समस्याओं से सभी को अवगत करने एवं इनके निपटारे का आश्वासन दिया । इसके पश्चात आयोजित एक सभा को संवोधित करते हुए श्री घटवार ने कहा कि चाय निगम जैसी सम्पत्ति तथा इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से जुड़े एक लाख महिला पुरुष श्रमिक, युवक युवतियों के भविष्य को सुरक्षा रखना सरकार के साथ राज्यवासियों की जिम्मेदारी है, पुर्व तथा वर्तमान राज्य सरकारों ने बहुत से योजनाओं की घोषणा तो कि मगर वास्तव में निगम के समस्याओं के समाधान का कभी प्रयास ही नहीं किया जो बड़े दुख की बात है । अगर इसके बाद भी राज्य सरकार ने निगम के समस्याओं का सामाधान नहीं किया तो जनवरी महिने से संघ आन्दोलन का पथ अख्तियार करने को विवश होगा । सभा में शाखा संघों के पदाधिकारियों के साथ मोरियानी के विधायक रुपज्योति कुर्मी ने भी श्रमिकों को संवोधित किया ।

●राष्ट्र भाषा हिन्दी विषय में चराईदेव जिले के वेवी विश्वकर्मा बनी टापर●, किया स्वर्ण पदक हाशिल●

राजु मिश्रा 
 समाचार संगम,मोरानहाट, 24 दिसंबर:-तेजपुर विश्वविद्यालय के हाल ही घोषित स्नातकोत्तर के फाईनल परीक्षा में राष्ट्र भाषा हिन्दी विषय में चराईदेव जिले के माहमारा काकोटीबाड़ी पुतुल नगर की वेवी विश्वकर्मा टापर होकर स्वर्ण पदक लेकर जिले को गौरवान्वित करने में सफल हुई है । काकोटीबाड़ी मझलियां विद्यालय की शिक्षिका शान्ति विश्वकर्मा की पुत्री वेवी ने उक्त विद्यालय से शिक्षा जीवन का शुभारंभ कर नाजिरा के जवाहर नवोदय विद्यालय से दसवीं पास कर गुवाहाटी कटन कालेज से स्नातक उतीर्ण हुई थी । गत 21 दिसंबर को तेजपुर विश्वविद्यालय में आयोजित समावर्तन समारोह में असम के राज्यपाल जगदीश सुखी ने वेवी को स्वर्ण प्रदान किया । वेवी की इस उपलब्धि पर माहमारा के विभिन्न संगठनों ने उसे शुभकामनाएं प्रेषित की है ।

◆बंगभाषी असमिया समाज असम ने निखिल भारत बंगाली युव छात्र फेडरेशन नामक अज्ञात संगठन पर कड़ी कार्यवाई की मांग की◆

राजु मिश्रा

समाचार संगम,मोरानहाट, 24 दिसंबर:-उदास्त हिन्दुओं की नागरिकता को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में निखिल भारत बंगाली युव छात्र फेडरेशन नामक अनजान संगठन द्वारा उदास्त हिन्दू बंगालियों को नागरिकता दिए जाने की मांग में किए गये धरना कार्यक्रम का बंगभाषी असमिया समाज असम ने तीब्र बिरोध किया है । समाज के केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष प्रदीप शेन शर्मा तथा सचिव रंजन शेन हस्ताक्षरित विज्ञप्ति के अनुसार जिस समय महामान्य सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में असम समझौते के आधार पर राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण ( एन. आर. सी. ) का काम तेजी से चल रहा है, ऐसे में एन आर सी के कार्य में बाधा उत्पन्न कर लोगों को गुमराह करने की कोशिशों के तहत महानंद सरकार दत्त के नेतृत्व में निखिल भारत बंगाली युव छात्र फेडरेशन धरना के जरिए सुबोध विश्वास की बिना शर्त जेल से रिहा करने की मांग को समाज ने जातिद्रोही कार्य बताया है । समाज ने उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाई करने की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से असम में भाईचारे के साथ रह रहे बंगाली और असमिया लोगों में फुट डालकर परिवेश खराब करने की कोशिशें में जुटे ऐसे निखिल भारत बंगाली युव छात्र फेडरेशन नामक अज्ञात संगठन को पुरी तरह अबैध घोषित करने के साथ ही ऐसे तथाकथित संगठन के नेताओं को जेल में बंद करना चाहिए ।

◆मोरान में चालीस कलाकारों के समागम से उत्साहवर्धन होगा आलाप के भुगाली स्वागत उत्सव का◆

२५ गणमान्य लोगों को आलाप सम्मान २०१८ दिया जाएगा 

राजु मिश्रा ,

समाचार संगम,मोरानहाट, 24 दिसंबर:-वृहत्तर मोरान क्षेत्र के कवि, लेखक, पत्रकारों का चर्चित संगठन आलाप पिछले दस वर्षों से दिरै के किनारे फागुन का एक दीन, कविताओं के साथ एक रात, वसंत के आनंद में कविताओ का गुनगुन, सरसों के फुलों के बीच कविता पाठ आदि जैसे कार्यक्रमों के जरिए चर्चाओं में रहा है । युवा पीढ़ी को एक शक्तिशाली मंच के जरिए साहित्य तथा समाज के क्षेत्र आगे बढ़ाने का प्रयास करते आ रहे आलाप के दस वर्ष पुरे होने के अवसर पर आगामी 9, 10, 11 तथा 12 जनवरी को मोरान उषापुर खेल मैदाम में भुगाली स्वागत उत्सव के आयोजन की तैयारियां की गई है । भुगाली बिहु से युवा पिढ़ी को बेहतर ढ़ंग से रुबरु करवाने के उदेश्य के साथ आयोजित किए जाने वाले उक्त चार दिवसीय उत्सव में ग्रंथमेला, वाणिज्य मेला, भुगाली मेला, खाद्य मेला, कवि सम्मेलन, आलोचना चक्र, ग्रंथ विमोचन, श्रवण कैसेट विमोचन, अंतरंग आलाप के साथ ही छात्रों के बीच क्विज, मौके पर कविता एवं कहानियां लेखन, समाचार लेखन, हैंडराइटिंग, भाषा ज्ञान, मटका फोड़, म्यूजिक चेयर, पिठा-पकवान, गमछा, श्रृष्टि शील नृत्य स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा । इस उत्सव के दौरान शिक्षा, समाज, संस्कृति, क्रिड़ा आदि के क्षेत्र में बेहतर योगदान देनेवाले मोरान क्षेत्र के पच्चीस गणमान्य लोगों को आलाप सम्मान 2018 से नवाजा भी जाएगा । युवा पत्रकार विपुल गोस्वामी तथा कैलाश कुटुम के सम्पादन में एक स्मृतिग्रन्थ भुगाली का भी विमोचन किए जाने की तैयारियां की जा रही है । गौरतलब हो कि असम के सांस्कृतिक जगत के नील आकाश, कुसुम कैलाश, बिपिन सावडांग, प्रणव लुखुराखन, माधन रंजन, गौरी शंकर जैसे चालीस कलाकारों के संगीत कार्यक्रम उत्सव के चारो दिन रौनक बढ़ाएगें । इस उत्सव में असम के तीस ग्रंथ दुकान, बीस स्वयंसेवी गुटों की दुकाने तथा बीस वाणिज्य दुकानदार भाग लेंगे । आयोजन समिति के उत्तम डिहिंगिंया, सतीश चुतीया, प्रदीप बरुवा, धर्मकांत हाजारीका तथा विपुल गोस्वामी ने सभी दिन लोगों की उपस्थिति एवं सहयोग की कामना कि है ताकि उत्सव को सफल बनाया जा सके ।