कटिहार :- जिले के तीनों अनुमंडल में, बुनयादी केंद्र का जल्द होगा निर्माण :- जिला पदाधिकारी

रिपोर्ट तौकीर रजा कटिहार :- दिव्यांगजनों, वृद्धजनों एवं विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से बिहार समेकित सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना के माध्यम से राज्य सरकार ने बुनियाद केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया है। राज्य के सभी 101 अनुमंडलों में बुनियाद केंद्रों की स्थापना की जानी है। जिले के तीनों अनुमंडलों में बुनियाद केंद्र भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है। बुनियाद केंद्र के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी, श्री मिथिलेश मिश्र ने उक्त आशय की जानकारी देते हुए कहा कि कटिहार शहर स्थित विनोदपुर के निजी मकान में बुनियाद केंद्र फिलहाल संचालित है।

उन्होंने इस केंद्र के बेहतर प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि बुनियाद केंद्र के माध्यम से न केवल केंद्र में आने वाले वृद्धजन, विधवाओं और दिव्यांगजनों को बल्कि सांस्थानिक सेवा के तहत गांव और पंचायतों तक पहुंच कर उन्हें आवश्यक सेवाएं मुहैया कराना है। इसके लिए ‘बुनियाद संजीवनी सेवा’ भी प्रारंभ की जानी है, जो मोबाइल वाहन के माध्यम से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने बताया कि बुनियाद केंद्रों पर लक्षित समूह के लिए घर के अंदर खेले जाने वाले खेलों, समूह चर्चा, सार्वजनिक त्योहारों का आयोजन, समाचार पत्र पत्रिकाओं और पुस्तकों की व्यवस्था, चित्रकारी, दस्तकारी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी है, ताकि वृद्धजनों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को सृजनात्मक गतिविधियों में लगाए रखा जाए एवं उनका स्वस्थ मनोरंजन हो सके। साथ ही जीवन के प्रति उनके अंदर उत्साह बना रहे उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से बिहार सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना के तहत बुनियाद केंद्रों का प्रत्येक अनुमंडलों में स्थापना की कार्रवाई चल रही है।

बुनियाद केंद्रों पर वृद्धजनों के लिए आवश्यक कानूनी एवं अन्य प्रकार के परामर्श के साथ-साथ बुढ़ापे में आवश्यक बीमारियों यथा: घुटने दर्द की समस्या, गठिया आदि के लिए फिजियोथेरेपी की व्यवस्था, वाक् तथा श्रवण संबंधी जांच, आंखों की जांच एवं उसके इलाज की व्यवस्था, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण संबंधी सुविधाएं, भावनात्मक परामर्श तथा रेफरल सेवाएं आदि की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ-साथ दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांगता से संबंधित समस्याओं के आकलन एवं प्रमाणीकरण में सहयोग, निदान, थेरेपी आदि की व्यवस्थाओं के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण की भी सुविधा रहेगी। विधवाओं की सुविधा के लिए बुनियाद केंद्रों पर रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण, अस्थाई रात्रि विश्राम व्यवस्था, रोजगार हेतु मार्गदर्शन, स्वयं सहायता समूह से जुड़ाव में सहायता के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास की व्यवस्था आदि भी की जा सकेगी। जिला पदाधिकारी ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जिले में मूर्त रुप देने हेतु प्रचार प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही बताया कि बहुत जल्द ही जिले के तीनों अनुमंडलों में बुनियाद केंद्र भवन का निर्माण पूर्ण हो जाएगा। समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी के साथ-साथ प्रभारी पदाधिकारी राजस्व, जिला परिवहन पदाधिकारी, बुनियाद केंद्र के जिला परियोजना प्रबंधक सहित सभी अंचल पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

चीर नदी के रणगांव और पड़रिया घाट से अवैध बालू खनन को रोका ग्रामीणों ने

बांका :- बालू उठाव को लेकर नदी में धरना पर बेठे ग्रामीण । इस दौरान आक्रोशित लोगों ने क्षेत्रीय विधायक मनीष कुमार, रणगांव पंचायत के मुखिया पति अजीत प्रसाद ¨सह के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए नदी में ही दोनों का पुतला जलाया।धरना पर बैठी महिलाएं सीपीआई की सावो देवी, छेदनी देवी, गीता देवी, सुदामा देवी, उर्मिला देवी, कौशल्या देवी, रूपा देवी, माला देवी, मुलिया देवी, नीलम देवी, लीलावती देवी आदि ने बताया कि जब गांव की महिला शौच के लिए नदी में आती है, तो ट्रक चालक गाड़ी का लाइट जला देता है। जबकि महिलाओं को देखकर फब्तियां भी कसा जाता है। ऐसे में महिलाओं का शौच जाना दुर्लभ हो गया है।ज्ञात हो कि गांव में बीपीएल परिवारों की संख्या अधिक होने के कारण अधिकांश घरों में शौचालय नहीं है। जिससे महिलाओं को घर से बाहर नदी में शौचालय जाना मजबूरी है।इधर, गांव के पुरूषों की मानें तो नदी के बालू उठाव से किसानों को ¨सचाई में काफी परेशानी हो रही है। डांड़ तक पानी नहीं पहुंचपाने से खेत ¨सचाई के अभाव में यू ही बेकार खाली पड़ा रह जाता है। जबकि वाटर लेबल भी काफी नीचे हो जाने से पेयजल समस्या बढ़ती जा रही है।

क्या कहते हैं लोग

रणगांव पंचायत के पूर्व मुखिया सुरेश कापरी, भोला ¨सह, बालमुकुंद मंडल, राम प्रसाद राय, निशाचन राय, जवाहर पंजियारा, प्रदीप कुमार ¨सह, देवेन्द्र ¨सह, उपसरपंच सुरेश कापरी, वकील वैद्य, हरि बगवै, नंदलाल मंडल आदि लोगों ने बताया कि विगत तीन वर्षों से खेतों की ¨सचाई बालू उठाव के कारण बाधित है। वहीं, पानी का लेबल दिनोंदिन घटता ही जा रहा है। नदी के बीचोंबीच बालू दस फीट उठाने से पड़रिया गांव के लोगों का रास्ता अवरूद्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व स्थानीय प्रशासन सहित जिला के अधिकारी एवं खनन विभाग को आवेदन देकर बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कहा कि जबतक अवैध बालू उठाव बंद नहीं होगा धरना जारी रहेगा। बालू माफिया पर हवाई फाय¨रग भी की जाती है। इधर, धरना प्रदर्शन करने की सूचना पर धोरैया पुलिस पड़रिया गांव पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने बुझाने का प्रयास काम किया। लेकिन आन्दोलनकारी अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। जिससे पुलिस को वापस लौटना पड़ा।

अगर आजमाएंगे ये 6 तरीके तो मेमोरी खाली करते समय नहीं होगा हैंग आपका स्मार्टफोन

स्मार्टफोन हर कोई इस्तेमाल करता है। यूजर्स अपने फोन में अपनी निजी फाइल्स, फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स को सेव करके रखते हैं। इसके लिए उन्हें फोन में ज्यादा स्पेस की आवश्यकता होती है। कई यूजर्स को फोन में कम मैमोरी की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनके फोन में एसडी कार्ड नहीं होता। इस परेशानी के चलते यूजर्स एप्स इंस्टॉल करने में भी असमर्थ रहते हैं। हालांकि, अगर यूजर चाहें तो लो मेमोरी की इस प्रॉब्लम को खूद सॉल्व कर सकते हैं। कैसे? तो चलिए हम आपको इसका तरीका बता देते हैं।

क्लियर कैश और डाटा :

फोन में स्पेस खाली करने का सबसे अच्छा तरीका कैश को क्लियर करना है। इसके लिए यूजर्स को सेटिंग्स में जाना होगा। फिर स्टोरेज में जाकर एप्स पर टैप करना होगा। इसके बाद हर एप को ओपन करें और Clear Data और Clear Cache के ऑप्शन पर क्लिक कर दें। इसके अलावा फोन की इंटरनल मैमोरी के कैश को भी क्लियर करना आवश्यक होता है। इसके लिए सेटिंग्स पर जाकर स्टोरेज पर जाना होगा। फिर इंटरनल स्टोरेज पर जाकर Cached data पर टैप कर दें।

गूगल फोटोज का इस्तेमाल :

अगर आपके फोन में एसडी कार्ड का ऑप्शन नहीं है तो आप अपनी फोटोज को गूगल फोटोज में मूव कर सकते हैं। गूगल यूजर्स को 15 जीबी का फ्री क्लाउड स्पेस देती है। इसमें 16 एमपी साइज वाली फोटोज और एचडी वीडियो को सेव कर सकते हैं।

लाइट एप्स का इस्तेमाल :

सभी के फोन में फेसबुक, मैसेंजर और यूट्यूब समेत कई एप्स मौजूद होती हैं। इन एप्स और इनके अपडेट्स से फोन की मैमोरी काफी हद तक भर जाती है। आपको बता दें कि इन सभी एप्स का प्ले स्टोर पर लाइट वर्जन भी मौजूद है। लाइट वर्जन फोन की इंटरनल मैमोरी में कम स्पेस लेते हैं।

क्लाउड स्टोरेज का यूज :

अगर आपके फोन की इंटरनल मैमोरी भर जाती है तो आप क्लाउड स्टोरेज देने वाले एप्स जैसे Dropbox, OneDrive और Google Drive में अपना डाटा सेव कर सकते हैं। यहां डाटा बिल्कुल सुरक्षित रहता है। यहां पर डॉक्यूमेंट्स को अलग-अलग फोल्डर बनाकर अरेंज किया जा सकता है।

पुराना डाटा डिलीट करना :

कई बार हम फोटोज या वीडियो डाउनलोड करके भूल जाते हैं। ये डाटा फोन की मैमोरी लगातार भरता रहता है। ऐसे में इन्हें डिलीट करना एक बेहतर ऑप्शन है। इससे आपके फोन की मैमोरी में स्पेस बन जाएगा।

एप्स को एसडी कार्ड में करें ट्रांसफर :

अगर आपके पास एसडी कार्ड है तो आप फोन में मौजूद एप्स को उसमें मूव कर सकते हैं। क्योंकि ये सभी फोन की इंटरनल मैमोरी में सेव होती हैं। इसके लिए सेटिंग्स में जाकर स्टोरेज में जाएं और फिर एप्स पर टैप करें। इसके बाद Move to card पर टैप कर दें। आपको बता दें कि जो एप्स में प्री-इंस्टॉल्ड होती हैं या रजिस्टर्ड होती हैं उन्हें मूव नहीं किया जा सकता है।